इलाहाबाद विश्वविद्यालय इस समय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय इस समय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
प्रयागराज। शिक्षा के क्षेत्र में अपना नाम विश्व के चुनिंदा विश्वविद्यालय में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम आता है जो कि देश की आजादी से लेकर और देश के नव निर्माण से लेकर राजनीतिक क्षेत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का एक अलग मुकाम है इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने देश को राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और कई मुख्यमंत्री दीया लेकिन आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय अपनी पहचान को मिटता हुआ देख रहा है जहां कई महीनों से छात्र आंदोलन पर है सफाई नाम की चीज नहीं है इसका जीता जागता उदाहरण कल आशुतोष त्रिवेदी जिसकी उम्र 23 साल इसे विश्वविद्यालय का छात्र अपनी प्यास को बुझाने के लिए छात्र संघ में लगे वाटर कूलर से पानी पीने के बाद वहीं छात्र संघ परिसर में अचेत होकर गिर गया गिरने उसके उपरांत साथी छात्रों ने एंबुलेंस को भुलाना चाहा लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में अंबुलंस ना होने की वजह से आशुतोष को अस्पताल ले जाने में देरी होने से उसकी मौत हो गई आशुतोष को स्वरूप रानी अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया आशुतोष मूल रूप से हंडिया तहसील के आरा खुर्द चांदोपारा का रहने वाला था वह दो बहनों में घर का इकलौता बेटा था आशुतोष के आकस्मिक मृत्यु के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और वहां के इंतजा मियां पर आरोप लगाया कि अगर साफ सुथरा और स्वच्छ पानी के साथ-साथ अगर समय पर एंबुलेंस आ जाती तो आशुतोष की जान बचाई जा सकती थी इसे लेकर छात्रों ने रोड पर चक्का जाम किया और पुलिस प्रशासन विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।

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