अखिलेश को पोस्टर में रहमान डकैत दिखाने पर भड़के सपाई:लखनऊ में सड़क पर उतरे, पोस्टर फाड़े, बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे
अखिलेश को पोस्टर में रहमान डकैत दिखाने पर भड़के सपाई:लखनऊ में सड़क पर उतरे, पोस्टर फाड़े, बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे
लखनऊ में अखिलेश यादव के खिलाफ लगी होर्डिंग्स के विरोध में मंगलवार दोपहर सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पोस्टर फाड़ डाले और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हजरतगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर भी दी है। सपाइयों ने कहा- सत्ता पक्ष के लोग इस तरह के होर्डिंग्स लगाकर हमारे नेता का अपमान कर रहे हैं। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ये होर्डिंग्स ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नाम की संस्था ने लखनऊ, जौनपुर, अमेठी समेत 10 जिलों में लगवाए हैं। इसकी तस्वीरें मंगलवार सुबह सामने आईं। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।
होर्डिंग में अखिलेश को फिल्म ‘धुरंधर’ के विलेन ‘रहमान डकैत’ की तरह दिखाया गया है। नीचे लिखा है- अखिलेश का ल्यारी राज। इसके नीचे उनके शासनकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर, शामली के दंगों की खबरों की कटिंग लगी है।
होर्डिंग में एक तरफ कन्या पूजन करते योगी की तस्वीर लगी है। नीचे लिखा है- धुरंधर सीएम। इसके नीचे माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी पर एक्शन की कटिंग लगी है। होर्डिंग के जरिए पूछा गया है- आपको क्या चाहिए?
पढ़िए सपा कार्यकर्ताओं ने क्या कहा
- समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार शुक्ला ने कहा- ये होर्डिंग सस्ती लोकप्रियता पाने की साजिश है। लोकप्रियता ऐसे नहीं मिलती, इसके लिए समाज में रहकर काम करना पड़ता है। हमारे नेता अखिलेश यादव जन-जन तक पहुंचे और लोगों के दुख-दर्द में शामिल हुए। होर्डिंग लगाने वाले कह रहे हैं कि वे Gen-Z को जागरूक कर रहे हैं। तो बताएं कि उन्होंने क्या बेहतर काम किया है? मौजूदा सरकार में सबसे ज्यादा बलात्कार हुए हैं।
- अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा- सपा देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। अखिलेश यादव उसके सुप्रीमो हैं। जिस तरह लखनऊ यूनिवर्सिटी गेट के सामने होर्डिंग लगाई गई, वह बेहद शर्मनाक है। अगर ये लोग नहीं माने, तो क्रिया की प्रतिक्रिया होगी। हम भी पूरे शहर में होर्डिंग लगाने का काम करेंगे।
- शिव प्रकाश यादव ने कहा- जिस तरह से हमारे नेता का अपमान किया गया, उसे माफ नहीं किया जाएगा। 2027 के चुनाव में जनता भाजपा सरकार को उखाड़कर फेंक देगी। हम लोग इसको कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीजेपी के लोग अगर नहीं सुधरेंगे, तो हम पूरे लखनऊ में होर्डिंग लगा देंगे।
- समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज कोतवाली में पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ तहरीर दी है।
- https://youtu.be/mTKdQ3wflNA
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पढ़िए, होर्डिंग्स का फिल्म धुरंधर से कनेक्शन
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होर्डिंग में एक तरफ सपा शासन को दंगे, अराजकता और माफियाराज से जोड़कर दिखाया गया है। लाल टोपी, काला चश्मा लगाए अखिलेश की एडिट की हुई तस्वीर लगी है। इसमें अखिलेश ‘रहमान डकैत’ की तरह दिखाए गए हैं। उनकी तस्वीर के नीचे 2012 से 2017 के बीच के सपा शासनकाल के अपराधों की घटनाओं का जिक्र किया गया है।
फिल्म ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत की भूमिका बॉलीवुड एक्टर अक्षय खन्ना ने निभाई है। रहमान डकैत पाकिस्तान के कराची में ल्यारी नाम के इलाके का डॉन था। वहीं, सीएम योगी की सरकार में माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में बताया गया है।
होर्डिंग पर ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नामक संस्था के पदाधिकारियों के नाम और तस्वीरें लगी हैं। सीएम आवास के पास लगी होर्डिंग में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह, महामंत्री अभिनव तिवारी के नाम फोटो सहित लगे हैं।
- https://youtu.be/gscWZWs9Ef4
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संगठन के महामंत्री बोले- होर्डिंग्स राजनीति से प्रेरित नहीं संगठन के महामंत्री अभिनव तिवारी ने बताया- होर्डिंग्स किसी भी राजनीतिक दल या नेता से प्रेरित नहीं हैं। यह एक तरह का जनजागरूकता और संवाद अभियान है। इसके जरिए युवाओं से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वे भविष्य में किस दिशा में जाना चाहते हैं? इसका मकसद किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं है। 15 अप्रैल को संगठन प्रेस वार्ता करेगा। इसमें इस अभियान से जुड़ी डिटेल जानकारी शेयर की जाएगी।
सियासत में कैसे हुई फिल्म ‘धुरंधर’ की एंट्री?
- सिनेमाघरों में 19 मार्च को रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर-2’ से जुड़े एक किरदार की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वह किरदार है आतिफ अहमद का। कहा जा रहा है कि आतिफ के रूप में प्रयागराज के माफिया रहे अतीक अहमद का ISI कनेक्शन दिखाया गया है। यही वजह है कि सपा ने फिल्म को प्रोपेगेंडा करार दिया था।
- अखिलेश यादव ने कहा था कि यह फिल्म विपक्ष को बदनाम करने के लिए बनाई गई है। मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने फिल्म पर आपत्ति जताई थी। कहा था- अतीक अहमद के नाम पर फिल्म बनाकर उन्हें ISI (पाकिस्तान खुफिया एजेंसी) एजेंट दिखाया गया। जबकि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं।
- सीएम योगी ने 5 अप्रैल को वाराणसी में ‘धुरंधर’ की तारीफ की थी। कहा था- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है।
- भाजपा नेता और रिटायर्ड आईपीएस अफसर डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने फिल्म की तारीफ की थी। उन्होंने दावा किया था कि बिहार के शहाबुद्दीन, यूपी के मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद के बीच करीबी संबंध थे। ये तीनों मिलकर जाली नोटों को बाजार में खपाते थे। इससे होने वाली कमाई गैंग को मजबूत करने में लगाई जाती थी।
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फिल्म ‘धुरंधर-2’ में आतिफ अहमद नाम का एक किरदार है, जिसे अतीक अहमद जैसा बनाया गया है। इस किरदार को ISI एजेंट और नकली नोटों का सप्लायर दिखाया गया है।
फिल्म ‘धुरंधर-2’ के सिनेमाघरों में रिलीज होते ही विवाद तेज हो गया है। विवाद का केंद्र ‘आतिफ अहमद’ नाम का किरदार है, जिसे अतीक अहमद से प्रेरित बताया जा रहा है। इसे लेकर राजनीतिक दलों, सामाजिक समूहों और दर्शकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। फिल्म अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह किरदार यूपी के गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद से मिलता-जुलता है। फिल्म में खुफिया एजेंसी से जुड़े संदर्भ भी दिखाए गए हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है। कई नेताओं ने ISI कनेक्शन वाले चित्रण को गलत और संवेदनशील मुद्दों को भड़काने वाला बताया है।

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