#mahoba #आल्हा ऊदल के शौर्य व पराक्रम की याद हुई ताजा
बुन्देलखण्ड में आन- बान सान के लिए मशहूर महोबा का ऐतिहासिक कजली महोत्सव 841वाँ उद्धाटन हमीरपुर, महोबा,तिन्दवारी के सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल व एम.एल.सी.जीतेन्द्र सिंह सेंगर ने फीता काटकर किया इस मौके पर सदर विधायक व जनप्रतिनिधि सहित जिलाधिकारी पुलिसअधीक्षक उपस्थित रहे । नगर पालिका परिषद महोबा अध्यक्ष डा०सन्तोष चौरसिया ने मुख्य अतिथियों को पगड़ी पहनाकर शोभायात्रा का शुभारम्भ कराया ।कजली महोत्सव की शोभायात्रा में लाखों की भीड़ नजर आई। सुरक्षा मद्देनजर पुलिस चप्पे चप्पे तैनात रही ।
बता दे कि बुन्देलखण्ड का जनपद महोबा के वीर आल्हा ऊदल का ऐतिहासिक महत्व है कहते कि चन्देल शासक के सेनापति वीर आल्हा ऊदल वीरता व पराक्रम से दिल्ली के राजा पृथ्वीराज को बुरी तरह परास्त कर खदेड़ दिया था ।इस ऐतिहासिक महत्व को याद करने के लिए सावन माह में रक्षाबंधन के दूसरे दिन शौर्य व पराक्रम के रुप मे कजली महोत्सव मनाया जाता है । जबकि रक्षाबंधन के दिन चरखारी में भी भव्य कजली महोत्सव की शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल कहते है कि शौर्य व पराक्रम का ऐतिहासिक महोत्सव का उत्सव है जिससे पूरे देश में आल्हा – ऊदल की नगरी महोबा की वीरता की गाथा सम्पूर्ण देश में गाई व सुनी जाती है वही एम.एल.सी. जीतेन्द्र सिंह सेंगर कहते है कि बुन्देलखण्ड ही नही उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला है जो आल्हा ऊदल के शौर्य का प्रतीक है ।
पुलिसअधीक्षक अपर्णा गुप्ता के कुशल निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही ।
