हजरत इमाम हुसैन की सवारी दुल- दुल घोड़ा का ऐतिहासिक तथा धार्मिक 167वां जुलूस सम्पन्न

0

इमाम हुसैन की शहादत को सारी दुनिया अपने अपने तौर तरीके से याद किया जाता है,लेकिन महोबा जनपद के नगर चरखारी में हजरत इमाम हुसैन की सवारी दुल- दुल घोड़ा का ऐतिहासिक तथा धार्मिक 167वां जुलूस मातमी धुनों’ ढोल नगाड़ों’ अखाड़ों के साथ सौहाद्र्पूर्ण वातावरण में सम्पन्न । हिन्दु मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोगों ने पूरी अकीदत के साथ दुल- दुल घोड़े को दूध जलेबी खिलाई और सोने चांदी के नीबू चढ़ाकर अपनी अकीदत की मिशाल कायम की। रात 10 बजे वी पार्क से प्रारम्भ हुए जुलूस का गांधी पार्क में सुबह 10 बजे सामापन हुआ।
हजरत इमाम हुसैन की सवारी ʺघोड़ाʺ का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया जिसमें उत्तर प्रदेश’ मध्य प्रदेश व अन्य प्रान्तों से आए हुए लगभग 50 हजार से आधिक लोगों ने शिरकत करते हुए जुलूस की रौनक बढ़ाई। जुलूस का शुभारम्भ अपरजिलाधिकारी महोबा रामप्रकाश तथा अपर पुलिस अधीक्षक सत्यम ने फातहा के बाद माला पहनाकर वी पार्क से जुलूस के शुभारम्भ किया इस मौके पर अपर जिलाधिकारी रामप्रकाश ने कहां कि सच्चाई के रास्ते पर इमाम साहब ने अपने को कुर्बान कर दिया उनकी इस सीख को अपने जीवन में उतारना चाहिए उन्होने कहां कि यह परम्परा बुन्देलखण्ड के चरखारी में 167सालों से चल रही है यह परम्पर गंगाजमुनी तहजीव का जीता जागता उदाहरण है । अपर पुलिस अधीक्षक सत्यम ने कहां कि चरखारी में हिन्दू मुस्लिम एकता एक मिशाल है उम्मीद है कि यह परम्परा हमेशा जीवित रहे उपजिलाधकारी डा० प्रदीप कुमार सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और फातहा के बाद जैसे ही इमाम चौक से घोड़ा बाहर निकला वैसे ही अकीदतमन्दों की भीड़ दूध जलेबी खिलाने के लिए उमड़ पड़ी तथा जिन लोगों की मुराद पूरी हुई उन्होंने सोने व चांदी के नीबू चढ़ाते हुए अकीदत पेश की। बताते चलें कि ऐतिहासिक जुलूस का शुभारम्भ देशी रियासत तत्कालीन महाराजा रतन सिंह जू देव के शासनकाल में सन 1857में प्रारम्भ हुआ था। बतादे की नगर की सोने चांदी की दुकानें रात भर खुली रहीं तथा नीबू व जलेबी खरीदने के लिए लोगों का तांता लगा रहा और बेतहाशा भीड़ के बीच जुलूस कामयाबी के साथ अंतिम सफर की ओर बढ़ता रहा। हजारों की भीड़ के बीच शान्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण माना जाता है जिसे प्रशासन ने बखूबी निभाया। शान्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के सभी थानों की फोर्स के अलावा भारी संख्या में पीएसी बल मौजूद रहा जिसकी कमान सीओ उमेशचन्द्र’ कोतवाली प्रभारी गणेश कुमार गुप्ता’ चौकी प्रभारी सुभाष चन्द्र तिवारी के हांथों रही। कार्यक्रम के एसपी महेाबा अपर्णा गुप्ता ने पुलिस टीम के साथ ब्रीफिंग करते हुए जुलूस शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के चाकचौबन्द बन्दोबस्त किए गए थे। बाहर से आने वाले जायरीनों के भोजन नाश्ता आदि की व्यवस्था विभिन्न कमेटियों द्वारा निःशुल्क रूप से की गयी जिसमें करीब दो दर्जन स्थानों पर पूरी रात लंगर चलता रहा। जायरीनों के बैठने तथा पीने के पानी कस्बा की सफाई आदि का कार्य नगर पालिका द्वारा कराया गया वही प्रभारी अधिशाषी अधिकारी इतने बड़े कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए नदारत बने रहे जो लोगों में चर्चा का विषय बना रहा ।।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed