गायत्री परिवार की त्रैमासिक गोष्ठी संपन्न

0

आज नोहटा ग्राम में गायत्री परिवार जिला दमोह की त्रैमासिक गोष्टी भगवान सत्यनारायण मंदिर परिसर के पास संपन्न हुई। इस गोष्ठी में जिले के सभी ब्लॉकों एवं 44 ग्राम के सक्रिय कार्यकर्ता भाई बहिन सम्मिलित हुए। इस गोष्टी के माध्यम से पिछले 3 माह में गायत्री परिजनों द्वारा कौन-कौन से समाज सेवा के कार्य किए गए, कितने संस्कार कराए गए, कितने लोगों को शांतिकुंज भेजा एवं कितने घरों में यज्ञ कराया इस बात पर विशेष फोकस रहा । संभाग के समन्वयक पंडित महेश प्रसाद बादल ने गायत्री परिवार द्वारा दमोह में नियमित रूप से पिछले कई वर्षों से त्रैमासिक गोष्ठी किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्ति की और कहां की कार्यकर्ताओं को अपनी समीक्षा करने एवं दूसरे क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से सीखने का अवसर इस गोष्टी के माध्यम से मिलता है।

गोष्टी का शुभारंभ गायत्री माता, गुरुदेव, माता जी के पूजन ,दीप प्रज्वलन एवम प्रज्ञा गीतों द्वारा हुआ
गोष्टी का संचालन करते हुए व्यवस्थापक पंकज हर्ष श्रीवास्तव ने कहा की गायत्री परिवार का मुख्य उद्देश नैतिक संस्कारों का पुनर स्थापन अर्थात मानव में देवत्व का उदय, सत प्रवृत्ति संवर्धन ,दुष प्रवृत्ति उन्मूलन, धर्म तंत्र से लोक शिक्षण एवं पर्यावरण के प्रति नागरिकों को जागृत करना है। चूंकि समाज में धार्मिक कर्मकांडों का विशेष महत्व है इसलिए धर्म के माध्यम से लोक शिक्षण का कार्य करना है।

जिला समन्वयक बी पी गर्ग द्वारा पूरे जिले में किए जा रहे कार्यों का विवरण गोष्ठी में रखा गया एवं क्रम से प्रत्येक ब्लाक के परिजन से पिछले 3 माह की रिपोर्ट ली । जिला महिला  प्रभारी श्रीमती अर्चना राय ने बतलाया की गायत्री परिवार की बहने शहर के साथ-साथ गांव गांव जाकर महिलाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ रही हैं एवं उन्हें संस्कारों की परंपरा से जोड़ते हुए उनके घरों में गायत्री यज्ञ के माध्यम से विभिन्न संस्कार संपन्न करा रहीं हैं। हटा ब्लॉक से दिनेश दुबे ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए  सुझाव दिया कि प्रत्येक परिजन को अपने सुझाव रखने का समय यदि नहीं मिल पाता तो वह अपने सुझाव लिखकर गायत्री शक्तिपीठ दमोह में दे दे।

मडियादो से पधारी संगीत टोली के प्रमुख श्री राम शंकर मिश्रा एवं श्री रमाशंकर छिरोलिया ने दमोह गायत्री शक्तिपीठ की टोली के साथ मिलकर अद्भुत तरीके से प्रज्ञा गीत के माध्यम से उपस्थित लोगों को उद्वेलित कर दिया ।प्रोफेसर रघुवीर पटेल एवं शिक्षक चित्तर सिंह द्वारा मंत्रोचार कर गुरु वंदना की गई एवम पूजन कराया गया। साथ ही अपनी मधुर आवाज में प्रज्ञा गीतों से नवजागरण का संदेश दिया ।

कार्यक्रम में उपस्थित जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी द्वारा बतलाया गया कि वह बचपन से ही गायत्री परिवार से जुड़े हैं एवं वर्ष 1995 में अश्वमेध यज्ञ जबलपुर में उन्होंने गायत्री परिवार की दीक्षा ली थी। उसी का परिणाम है कि वह आज तक सभी तरह के व्यसनों से बचे हुए हैं।

पथरिया, तेंदूखेड़ा ,दमोह, पटेरा ,हटा ब्लाकों से पधारे प्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्र की गतिविधियों से सबको अवगत कराया ।आगामी  दिसंबर जनवरी में दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ,खडेरी बटियागढ़ ,खमरगौर मडियादो एवं दमोह जिले से लगे हुए बक्सवाहा में भी 24 , 51 एवं 108 कुडीय गायत्री महायज्ञ किए जाने की घोषणा की गई।

आभार प्रदर्शन करते हुए वरिष्ठ परिजन सेवा निवृत्त शिक्षक भाव सिंह ठाकुर ने कहां की जिलेभर से पधारे गायत्री परिजनों ने यहां गोष्ठी में सहभागिता दर्ज की एवं अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति सांझा की जिससे अन्य सभी लोगों को प्रेरणा मिली। आप सबका आभार तो है ही साथ ही परमात्मा का भी धन्यवाद कि उन्होंने आज मौसम अनुकूल रखा और हमें यह सामर्थ्य दी। शांति पाठ के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed