ईरान बोला- अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया:हमले का वीडियो जारी किया; नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- अभी मैं जिंदा हूं
ईरान बोला- अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया
जंग के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि एक F-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है और पायलट सुरक्षित है। घटना की जांच जारी है। हालांकि अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरानी हमले की पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार हो सकता है जब इस जंग के दौरान ईरान ने किसी अमेरिकी सैन्य विमान को निशाना बनाया हो। F-35 दुनिया के सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से अधिक होती है।
उधर, इजराइली पीएम नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि अभी मैं जिंदा हूं और ये जंग हम जीत रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईरान बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमने 20 दिनों के युद्ध में सफलता हासिल की है।
अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को जानिए…
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…


अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
तेहरान में जोरदार धमाके, एयर डिफेंस ने ड्रोन मार गिराया
तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जब एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका और इजराइल के ड्रोन को निशाना बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें गूंजीं। बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई आने वाले ड्रोन हमलों को रोकने के लिए की गई, हालांकि नुकसान या हताहतों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
ऑस्ट्रेलिया गैस एक्सपोर्ट पर टैक्स लगाएगा
ऑस्ट्रेलिया की सरकार गैस निर्यात पर टैक्स लगाने पर विचार कर रही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने से देश में ईंधन महंगा हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के कार्यालय का कहना है कि ऊर्जा कंपनियों को ऊंची वैश्विक कीमतों का फायदा उठाकर घरेलू उपभोक्ताओं को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
ऑस्ट्रेलियाई ग्रीन्स पार्टी की नेता लरिसा वॉटर्स ने भी सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि वे गैस निर्यात पर कम से कम 25% टैक्स लगाने वाले कानून का समर्थन करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया दुनिया के सबसे बड़े LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) निर्यातकों में से एक है, लेकिन वहां अन्य देशों की तुलना में बड़ी ऊर्जा कंपनियों पर कम टैक्स लगाया जाता है।
उत्तरी इजराइल में वॉर्निंग सायरन बजे, ईरानी हमलों का अलर्ट
स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के कारण उत्तरी इज़राइल में एयर रेड सायरन बजने लगे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली सेना ने फिर से ईरान से आने वाली मिसाइलों का पता लगाया है, जिसके बाद कई इलाकों में लोगों को सतर्क किया गया।
जानकारी के अनुसार, ऐसे हमलों के दौरान सायरन बजाकर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों (शेल्टर) में जाने की चेतावनी दी गई है।
बहरीन में वॉर्निंग सायरन बजे, लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह
बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार, देश में वॉर्निंग सायरन बजाए गए हैं और लोगों से कहा गया है कि वे तुरंत अपने नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाएं और शांत रहें।
सऊदी अरब ने पूर्वी क्षेत्र में 5 ड्रोन मार गिराए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन घंटों के भीतर देश के पूर्वी प्रांत में पांच ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया गया है।
दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का इजराइली सैनिकों पर हमला
हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान के अल-अदाइस्साह इलाके में इजराइली सैनिकों और वाहनों के एक समूह पर मिसाइल हमला किया।
संगठन के अनुसार, उसने सीमा के पास स्थित मैस अल-जबल कस्बे में भी इजराइली सैनिकों को निशाना बनाते हुए एक और मिसाइल हमला किया।
इजराइली सेना ने 2 मार्च के बाद से लेबनान में हमले तेज करते हुए दक्षिणी इलाके में अपनी जमीनी सेना की मौजूदगी भी बढ़ा दी है।
दक्षिणी लेबनान में लड़ाई जारी, हिजबुल्लाह के इजराइल पर हमले
लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने हाल के घंटों में उत्तरी इजराइल के मार्गलियोट कस्बे पर मिसाइलों से हमला किया।
संगठन के अनुसार, उसने नबातियेह प्रांत के मारौन अल-रास इलाके में मौजूद इजराइली सैनिकों के एक समूह को भी निशाना बनाया।
दक्षिणी लेबनान में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष लगातार जारी है और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
IRGC का दावा- इजराइल पर नए हमले शुरू किए
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने इजराइल पर नए हमले शुरू किए।
ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में इजराइल के मध्य और दक्षिणी हिस्सों, खासकर तेल अवीव को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी टारगेट किया गया बताया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमले मिसाइल और ड्रोन के जरिए किए गए हैं और इन्हें हाल की घटनाओं के जवाब के रूप में बताया जा रहा है।
हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
कतर और तुर्किये ने संयुक्त रिसपॉन्स की जरूरत पर जोर दिया

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने दोहा में तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
उन्होंने कहा कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्र में अभूतपूर्व तनाव है और ईरान के पड़ोसी देशों पर हमले जारी हैं।
शेख मोहम्मद ने बताया कि दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि सभी देशों को एकजुट होकर ईरान की कार्रवाई की निंदा करनी चाहिए और उसे तुरंत रोकने की मांग करनी चाहिए।
दोनों नेताओं ने तुर्किये और कतर पर हाल में हुए हमलों पर भी चर्चा की, जिनमें कतर के रास लाफान ऊर्जा परिसर पर हुआ हमला भी शामिल है।
उन्होंने इस हमले को तोड़फोड़ की कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह ईरान की आक्रामक और गैर-जिम्मेदार नीति को दर्शाता है और यह एक खतरनाक स्थिति पैदा करता है।
ईरानी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर खतरे की चेतावनी दी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अमेरिका के हमले और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता की हत्या अंतरराष्ट्रीय विवादों में एक नया और खतरनाक रुख दिखाते हैं, जो दुनिया की कानूनी व्यवस्था को कमजोर कर सकता है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट के खिलाफ मजबूती से खड़ा नहीं होता, तो इसका असर कई देशों पर पड़ेगा।
पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि यह स्थिति आगे चलकर और बड़े संकट को जन्म दे सकती है।
यूएई राष्ट्रपति और ट्रंप के बीच फोन पर क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्र की स्थिति और उसके वैश्विक शांति पर असर को लेकर चर्चा की गई।
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह यूएई और क्षेत्र के अन्य देशों में नागरिकों, इमारतों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इन हमलों की निंदा की और यूएई तथा क्षेत्र के अन्य देशों के साथ अमेरिका की एकजुटता जताते हुए उनकी सुरक्षा और स्थिरता के समर्थन की बात कही।
UAE ने हिजबुल्लाह से जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
UAE की राज्य सुरक्षा एजेंसी ने देश के अंदर सक्रिय एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और उससे जुड़े लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। बताया गया कि यह नेटवर्क लेबनान के हिजबुल्लाह और ईरान से जुड़ा था।
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क फर्जी कारोबारी गतिविधियों की आड़ में काम कर रहा था और देश की अर्थव्यवस्था में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था।
बयान में कहा गया कि यह नेटवर्क विदेशी सहयोगियों के साथ मिलकर पहले से बनाई गई योजना के तहत काम कर रहा था, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
हालांकि, अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या या उनकी राष्ट्रीयता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
लेबनान के लोगों को फोन पर घर छोड़ने की चेतावनी दी गई
लेबनान के बेक्का घाटी के मशघारा और सहमार कस्बों के लोगों ने बताया कि उन्हें विदेशी नंबरों से फोन कॉल आए, जिनमें उन्हें अपने घर छोड़ने के लिए कहा गया।
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, ये कॉल लोगों में डर पैदा कर रहे हैं और उन्हें इलाका खाली करने की चेतावनी दी जा रही है।
इजराइली सेना पहले ही लेबनान के 100 से ज्यादा कस्बों और गांवों के लिए जबरन विस्थापन की चेतावनी जारी कर चुकी है, जिनमें पूर्वी लेबनान की बेक्का घाटी भी शामिल है।
यरुशलम और मध्य इजराइल में वॉर्निग सायरन बजे
स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों के कारण इजराइल के मध्य हिस्सों, जिसमें यरुशलम भी शामिल है, में एयर रेड सायरन बजने लगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो घंटों में इजराइली सेना ने तीन बार ईरान से आने वाली मिसाइलों का पता लगाया है।
अन्य जानकारी के अनुसार, ऐसे हमलों के दौरान पूरे क्षेत्र में बार-बार सायरन बजाए जाते हैं ताकि लोग सुरक्षित जगहों पर जा सकें।
हाल के दिनों में ईरान की ओर से लगातार मिसाइल हमलों के कारण इजराइल के कई हिस्सों में अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।
बहरीन ने 5 मिसाइलें मार गिराईं, अब तक 139 मिसाइल और 238 ड्रोन नष्ट
बहरीन की रक्षा बल ने बताया कि हाल के घंटों में उसने आने वाली 5 मिसाइलों को मार गिराया है।
अलग बयान में रक्षा बल ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 139 मिसाइलें और 238 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया जा चुका है।
बहरीन ने यह भी कहा कि नागरिक ठिकानों और निजी संपत्ति को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है।
ईरान का दावा- ड्रोन से इजराइल के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय पर हमला
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी यरुशलम में इजराइल के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय को ड्रोन से निशाना बनाया। यह हमला हाल ही में ईरान के शीर्ष अधिकारियों और नौसैनिकों की मौत के जवाब में किया गया बताया गया है।
ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई युद्धपोत ‘IRIS डेना’ के सैनिकों और खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब की मौत के बदले में की गई है।
हालांकि, इस हमले से किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ईरान युद्ध पर ट्रंप पर्ल हार्बर बयान पर सवाल उठे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले पर बात करते हुए पर्ल हार्बर हमले का जिक्र किया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवालों के जवाब में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस कार्रवाई की जानकारी किसी सहयोगी देश को पहले नहीं दी, क्योंकि वह “सरप्राइज” चाहते थे। उन्होंने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मजाकिया अंदाज में कहा, सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?
पर्ल हार्बर पर 7 दिसंबर 1941 को जापान ने हमला किया था, जिसमें 2,300 से ज्यादा अमेरिकी मारे गए थे। इसके अगले दिन अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी थी।
वॉशिंगटन स्थित ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन की विशेषज्ञ मिरेया सोलिस ने ट्रंप के इस बयान को “असामान्य और चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के दौरे का मकसद अमेरिका और जापान के मजबूत रिश्तों को दिखाना होता है, न कि पुराने विवादों को याद करना।
इजराइल का दावा- हिजबुल्लाह ने 700 हमले किए
इजराइली सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता ने कहा है कि 2 मार्च से अब तक हिजबुल्लाह ने इजराइल की ओर करीब 700 रॉकेट, तोप के गोले और ड्रोन दागे हैं।
प्रवक्ता अविचाय अदरई के अनुसार, ये हमले लितानी नदी के दक्षिण वाले इलाकों से किए गए। उन्होंने लेबनानी सेना पर आरोप लगाया कि वह इन क्षेत्रों से हिज़्बुल्लाह को हटाने में नाकाम रही है।
वहीं, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक इज़राइल के हमलों में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
लेबनान के राष्ट्रपति ने फिर युद्धविराम की अपील की
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो से मुलाकात के दौरान फिर से युद्धविराम की मांग की और इज़राइल के साथ बातचीत शुरू करने की अपील की।
राष्ट्रपति ने कहा कि युद्धविराम जरूरी है और इसे सफल बनाने के लिए सभी पक्षों को जरूरी भरोसे और गारंटी देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से शुरू की गई बातचीत की पहल अभी भी जारी है, लेकिन लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई इसकी शुरुआत में बाधा बन रही है।
फ्रांस के विदेश मंत्री बारो का यह दौरा लेबनान के लोगों के प्रति समर्थन और एकजुटता दिखाता है, जो इस युद्ध में फंस गए हैं।
अपने दौरे के दौरान बारो ने प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से भी मुलाकात की।
रेड क्रेसेंट का दावा- ईरान में युद्ध के दौरान 204 बच्चों की मौत
ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने बताया है कि युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 204 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 साल से कम उम्र के 53 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा दो गर्भवती महिलाओं की भी मौत हुई है।
संस्था ने कहा कि जब बच्चों और गर्भवती महिलाओं को निशाना बनाया जाता है, तो यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं रह जाती, बल्कि मानवता के खिलाफ गंभीर उल्लंघन बन जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 18,000 से ज्यादा आम नागरिक घायल हुए हैं।
हवाई हमलों में 498 स्कूल, 251 चिकित्सा केंद्र और रेड क्रेसेंट के 17 केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुल मिलाकर 70,000 से अधिक नागरिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
रेड क्रेसेंट ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, खासकर मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे इन घटनाओं पर चुप न रहें और कार्रवाई करें।
तेहरान में ईरान की महिला फुटबॉल टीम का भव्य स्वागत
ऑस्ट्रेलिया से लौटने पर ईरान की महिला फुटबॉल टीम का तेहरान में जोरदार स्वागत किया गया। ईरानी अधिकारियों ने टीम का हीरो की तरह स्वागत किया।
इस टीम के कुछ खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में एशियन कप के दौरान शरण (असाइलम) मांगी थी, क्योंकि पहले मैच में राष्ट्रगान न गाने पर उन्हें देश में आलोचना का सामना करना पड़ा था। हालांकि बाद में पांच खिलाड़ियों ने अपना फैसला बदल लिया और टीम के साथ वापस लौट आईं।
टीम की कप्तान जहरा घनबरी सहित सभी खिलाड़ी सुरक्षित लौट आईं, लेकिन इस पूरे मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई थी।
तेहरान के वालियास्र स्क्वायर में स्वागत समारोह हुआ, जहां हजारों लोग ईरानी झंडे लेकर पहुंचे। बड़े-बड़े पोस्टरों पर माय चॉइस, माय होमलैंड जैसे नारे लिखे थे।
ईरान फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कहा कि ये खिलाड़ी अपने देश, झंडे और नेतृत्व के प्रति वफादार हैं।
सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा, “सभी ईरानी आपका इंतजार कर रहे थे, ईरान में आपका स्वागत है।”
इराक के सलाह अल-दीन प्रांत में पीएमएफ पर हवाई हमला
इराक के सलाह अल-दीन प्रांत में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) की 6वीं ब्रिगेड को हवाई हमले में निशाना बनाया गया है।
फ्रांस के विदेश मंत्री आज इजराइल जाएंगे
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो शुक्रवार को इजराइल का दौरा करेंगे। यह दौरा अचानक तय किया गया है और इससे पहले वह लेबनान की राजधानी बेरूत गए थे, जहां उन्होंने युद्धविराम की कोशिशों पर चर्चा की।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के दौरान बारो इज़राइल के नेताओं से क्षेत्रीय सुरक्षा, मानवीय सहायता और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने के मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
PMF ने अमेरिकी हमलों को इराक की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया
इराक की अर्धसैनिक बल पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) ने अनबर और मोसुल में अपने ठिकानों पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है।
पीएमएफ ने कहा कि यह हमला देश की स्थिरता के लिए सीधा खतरा है और सभी राजनीतिक दलों से इराक की संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है।
अपने बयान में पीएमएफ ने कहा कि यह हमला अमेरिकी बमबारी के जरिए किया गया, जिसमें इराकी राज्य के आधिकारिक प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने इसे बेहद खतरनाक कदम बताते हुए कहा कि ऐसे हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, राज्य के अंदर काम कर रही सुरक्षा संस्थाओं को निशाना बनाना देश की प्रतिष्ठा, स्थिरता और लोगों की सुरक्षा पर सीधा हमला है।
हमलों के बाद पीएमएफ ने इसके लिए जिम्मेदार पक्षों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस बढ़ते तनाव के परिणामों की जिम्मेदारी हमलावरों पर होगी। साथ ही उन्होंने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए राष्ट्रीय एकता की अपील की।
फ्रांस लेबनान को मानवीय सहायता बढ़ाकर 20 मिलियन डॉलर करेगा
फ्रांस ने लेबनान के लिए अपनी मानवीय सहायता बढ़ाकर करीब 20 मिलियन डॉलर (17 मिलियन यूरो) करने का ऐलान किया है। यह फैसला इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने यह घोषणा सोशल मीडिया पर की, जब वह युद्धविराम कराने के प्रयासों के तहत राजधानी बेरूत के दौरे पर थे।
इससे पहले फ्रांस के विशेष दूत जीन-इव ले द्रियां ने कहा था कि जब इज़राइल लेबनान पर हमले कर रहा है, तब लेबनानी सरकार से हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करने की उम्मीद करना सही नहीं है।
वहीं, इज़राइल ने बेरूत की ओर से सीधे बातचीत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इज़राइल का मानना है कि यह प्रस्ताव बहुत देर से और पर्याप्त नहीं है, जबकि लेबनान की सरकार हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करना तो चाहती है, लेकिन उसे डर है कि ऐसा करने से देश में गृहयुद्ध का खतरा बढ़ सकता है।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ युद्ध का मकसद फिर दोहराया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध का उद्देश्य उसके परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल खतरों को खत्म करना है, ताकि वे जमीन के अंदर सुरक्षित होकर हवाई हमलों से बच न सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे ईरान के लोगों को अपनी आजादी पाने और अपना भविष्य तय करने का मौका मिलेगा।
नेतन्याहू के अनुसार, इजराइल और अमेरिका मिलकर उन फैक्ट्रियों को नष्ट कर रहे हैं, जहां मिसाइल बनाने के हिस्से तैयार होते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य और नियंत्रण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सरकार के कमजोर पड़ने के कई संकेत हैं, लेकिन वह अभी उन्हें साझा नहीं कर सकते।
नेतन्याहू ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ को खोलने के अमेरिकी प्रयासों में इज़राइल भी खुफिया जानकारी और अन्य तरीकों से मदद कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है।
नेतन्याहू बोले- ट्रंप के अनुरोध पर ईरान के गैसफील्ड पर फिर हमला नहीं करेंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजराइल अब ईरान के साउथ पार्स गैसफील्ड पर आगे कोई हमला नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि इस गैसफील्ड पर हमला इज़राइल ने “अकेले” किया था और ईरान के साथ चल रहा संघर्ष लोगों की उम्मीद से जल्दी खत्म हो सकता है।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिश करता है, तो वह सफल नहीं होगा। उनके अनुसार, ईरान दुनिया को इस अहम समुद्री रास्ते को बंद करने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
सऊदी अरब ने पूर्वी प्रांत में 2 ड्रोन मार गिराए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, देश की वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत के ऊपर उड़ रहे दो ड्रोन का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया।
नेतन्याहू बोले- हवा से क्रांति नहीं हो सकती
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान अब यूरेनियम समृद्ध करने या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में सक्षम नहीं है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह साफ नहीं है कि ईरान की जनता सरकार के खिलाफ उठ खड़ी होगी या नहीं।
नेतन्याहू ने कहा, यह कहना अभी जल्दी होगा कि ईरानी लोग सड़कों पर उतरेंगे या नहीं। हवा से क्रांति नहीं हो सकती, इसके लिए जमीन पर भी कार्रवाई जरूरी होती है। जमीन पर क्या कदम होंगे, इसके कई विकल्प हैं, लेकिन मैं उन्हें साझा नहीं करूंगा।
नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मैं जिंदा हूं, हम जंग जीत रहे हैं
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू बोले- पहले मैं सबको बता दूं कि मैं जिंदा हूं। उन्होंने आगे कहा कि कहा कि ये जंग हम जीत रहे हैं। ईरान बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमने 20 दिनों के युद्ध में सफलता हासिल की है।
नेतन्याहू ने कहा कि हमने ईरान की ताकत को काफी कम कर दिया है। ईरान अब दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर सकता।
ट्रम्प को लेकर कहा कि ट्रम्प अपना फैसला खुद लेते हैं, हमने उन्हें जबरदस्ती युद्ध में नहीं धकेला। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के साथ हमारा तालमेल एकदम सही है।
इराक से 99 स्पेनिश सैनिकों को सुरक्षित निकाला गया
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्लेस ने बताया कि इराक में तैनात 99 स्पेनिश सैनिकों को तुर्किये भेज दिया गया है।
इनमें से 57 सैनिक ISIL के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ काम कर रहे थे, जबकि 42 सैनिक NATO मिशन का हिस्सा थे।
रोब्लेस ने कहा कि जिस बेस पर NATO मिशन के सैनिक तैनात थे, उसके पास मिसाइलों का आदान-प्रदान हुआ था, जिससे ऑपरेशन में बाधा आई।
अमेरिकी उर्जा मंत्री बोले- ट्रम्प तेल और गैस निर्यात पर कोई रोक नहीं लगाएगा
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन तेल और गैस के निर्यात को पहले की तरह जारी रखेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ट्रंप प्रशासन की तेल और गैस निर्यात पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने की कोई योजना नहीं है।
दक्षिणी लेबनान में इजराइल ने नया हवाई हमला किया
लेबनान में मौजूद हमारे संवाददाताओं के अनुसार, इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कब्रिखा कस्बे और मरजायून इलाके के टौलीन क्षेत्र को निशाना बनाया है।
सऊदी अरब ने तीन ड्रोन मार गिराए, मिसाइल भी नष्ट की
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश के पूर्वी क्षेत्र में तीन ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया गया।
इससे पहले आज एक ड्रोन यनबू शहर की सैमरेफ रिफाइनरी से टकरा गया था। इसके अलावा, यनबू पोर्ट की ओर आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी बीच में ही मार गिराया गया।
इजराइली हमलों से दक्षिणी लेबनान में बिजली बाधित
दक्षिणी लेबनान में आज हुए इजराइली हमलों के कारण एक मुख्य बिजली सबस्टेशन बंद हो गया। लेबनान की सरकारी बिजली कंपनी ने कहा कि यह हमला देश के बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों का संकेत है।
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, बिंत जुबैल इलाके में स्थित इस सबस्टेशन के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे शहर और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
UAE अधिकारी ने ईरान के हमलों की निंदा की
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने ईरान द्वारा नागरिक और आर्थिक ढांचे पर किए गए हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का उल्लंघन हैं।
गर्गाश ने यह भी कहा कि ये कदम बहुत खतरनाक हैं और इससे क्षेत्र की शांति और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने ईरान से तुरंत पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने की अपील की।
कुवैत की ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच कुवैत में ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला हुआ है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दो ड्रोन ने नेशनल पेट्रोलियम कंपनी से जुड़े ऑपरेशनल यूनिट्स को निशाना बनाया, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुवैत के एयरस्पेस में 18 संदिग्ध ड्रोन देखे गए, जिनमें से 13 को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया।
ट्रम्प बोले- तेल की कीमतें उम्मीद से कम बढ़ीं
जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ईरान पर हमले के बाद तेल की कीमतों में ज्यादा उछाल आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाीची के साथ बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, “मुझे लगा था कि तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ेंगी, हालात इससे कहीं ज्यादा खराब हो सकते थे, लेकिन अभी स्थिति उतनी खराब नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि हालात जल्द ही सामान्य हो सकते हैं। ट्रम्प ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे सकता है, ताकि वैश्विक कीमतों को काबू में रखा जा सके।
दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
F-35 अमेरिका का सबसे महंगा विमान
F-35 लड़ाकू विमान 5वीं जनरेशन का विमान है। इसे लॉकहीड मार्टिन ने डेवलप किया है। इस प्लेन को 2006 से बनाना शुरू किया गया था।
2015 से यह अमेरिकी वायुसेना का एक अहम हिस्सा है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के इतिहास में सबसे महंगा विमान F-35 ही है। अमेरिका एक F-35 फाइटर प्लेन पर 82.5 मिलियन डॉलर (करीब 715 करोड़ रुपए) खर्च करता है।
ईरान ने F-35 पर हमले का वीडियो जारी किया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
दावा- ईरानी हमले में अमेरिकी F-35 जेट को नुकसान
ईरान के हमले में एक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचने की खबर है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक हमले के बाद जेट को मिडिल ईस्ट के एक अमेरिकी एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि यह स्टेल्थ फाइटर जेट ईरान के ऊपर एक कॉम्बैट मिशन पर था, तभी उस पर हमला हुआ। हालांकि विमान सुरक्षित उतार लिया गया और पायलट पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना की जांच की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार हो सकता है जब इस जंग के दौरान ईरान ने किसी अमेरिकी सैन्य विमान को निशाना बनाया हो। F-35 दुनिया के सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से अधिक होती है।
इस बीच अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि जंग में अमेरिका को बढ़त हासिल है और ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जा चुका है।
ट्रम्प बोले- मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिक नहीं भेज रहे
अमेरिका-ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने ग्राउंड ट्रूप्स नहीं भेज रहा है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा,
मैं कहीं भी सैनिक नहीं भेज रहा हूं। अगर भेजता भी, तो मैं आपको बताता नहीं, लेकिन हम सैनिक नहीं भेज रहे हैं।

ट्रम्प का यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका हजारों सैनिक मिडिल ईस्ट भेजने पर विचार कर रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी कहा कि अभी तक ग्राउंड ट्रूप्स भेजने का कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन ट्रम्प सभी विकल्प खुले रखते हैं।
इस बीच खबर है कि अमेरिकी मरीन यूनिट को पहले ही मिडिल ईस्ट में तैनात किया जा चुका है, हालांकि यह साफ नहीं है कि इसे जमीनी युद्ध के लिए इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं।
ईरान का इजराइल के हाइफा में ऑयल रिफाइनरी पर हमला
जंग के बीच ईरान ने इजराइल के अहम ऊर्जा ठिकाने पर बड़ा हमला किया है। गुरुवार को ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से इजराइल के हाइफा शहर में एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स पर हमला किया।
हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड और राहत टीमों को तैनात किया गया है। मौके पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और संभावित खतरनाक केमिकल लीक की भी जांच की जा रही है।
हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह रिफाइनरी इजराइल के सबसे बड़े ऊर्जा केंद्रों में से एक है, जहां ईंधन और केमिकल प्रोडक्शन होता है।
ब्रिटेन, फ्रांस समेत 6 देश होर्मुज स्ट्रेट में मदद को तैयार
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर 6 बड़े देशों ने मदद की पेशकश की है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिशों में शामिल होने को तैयार हैं।
इन देशों ने ईरान के हमलों की निंदा करते हुए उसे तुरंत रोकने की अपील भी की है। साथ ही कहा कि वे वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने वाले देशों के साथ मिलकर काम करेंगे।
बयान में यह भी कहा गया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि तेल सप्लाई पर असर कम किया जा सके। दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है और तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है।
कतर बोला- जंग तुरंत रोकी जाए, ईरान के हमले मंजूर नहीं
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि मौजूदा युद्ध को तुरंत खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह अपने हमले रोके और संघर्ष को और न बढ़ाए। अल थानी ने कहा कि पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना मंजूर नहीं है।
उन्होंने खास तौर पर रास लफ्फान गैस प्लांट पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे साफ है कि ईरान अब ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो सिर्फ कतर ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम हैं।
अल थानी ने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों का असर दुनियाभर के लाखों लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि इससे ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होगी।
ईरान के हमलों से कतर की 17% LNG क्षमता खत्म, सुधार में 5 साल लगेंगे
ईरान के हमलों से कंपनी की करीब 17% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादन क्षमता खत्म हुई है। कतर एनर्जी के CEO साद अल-काबी ने बताया कि इन सुविधाओं को पूरी तरह ठीक होने में 3 से 5 साल तक लग सकते हैं।
अल-काबी ने कहा कि यह नुकसान इतना बड़ा है कि कतर को अपने कई लंबी अवधि के गैस सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स पर ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना पड़ सकता है। इसका असर इटली, बेल्जियम, साउथ कोरिया और चीन जैसे देशों को होने वाली गैस सप्लाई पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इन ऊर्जा परियोजनाओं पर करीब 26 अरब डॉलर का निवेश किया गया था, जिसे भारी नुकसान पहुंचा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कतर की LNG सप्लाई में आई यह गिरावट वैश्विक गैस बाजार में बड़ा संकट पैदा कर सकती है और कीमतों में तेज उछाल ला सकती है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग में हुई मौतें
इजराइल का कैस्पियन सागर में ईरानी नौसैनिक ठिकानों पर हमला
जंग के बीच इजराइल ने पहली बार कैस्पियन सागर में ईरान के नौसैनिक ठिकानों पर हमला किया है। इजराइली सेना के मुताबिक, बीती रात वायुसेना ने ईरान के एक नौसेना बंदरगाह को निशाना बनाया, जहां कई जहाज तैनात थे।
हमले में एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-सबमरीन हथियार ले जा रहे जहाजों और पेट्रोल बोट्स को टारगेट किया गया। इसके अलावा कैस्पियन सागर में नौसैनिक गतिविधियों के केंद्रीय मुख्यालय और मरम्मत से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी हमला किया गया।
इजराइल का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करना है।
US इंटेलिजेंस चीफ बोलीं- जंग में अमेरिका-इजराइल के लक्ष्य अलग
ईरान के खिलाफ जारी जंग को लेकर अमेरिका और इजराइल की रणनीति में अंतर सामने आया है। अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने कहा कि दोनों देशों के लक्ष्य अलग-अलग हैं।गबार्ड के मुताबिक, इजराइल का फोकस ईरान की टॉप लीडरशिप को खत्म करने पर है और उसने कई बड़े नेताओं को निशाना बनाया है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, उसके उत्पादन ढांचे और नौसेना, खासकर IRGC नेवी को कमजोर करना है। गबार्ड ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि इजराइल ईरान के साथ किसी समझौते का समर्थन करेगा या नहीं।
उन्होंने साफ किया कि अमेरिका सीधे तौर पर इजराइल के ऑपरेशनल फैसलों में शामिल नहीं है, बल्कि लगातार इंटेलिजेंस इनपुट दे रहा है।
इजराइली हमलों से लेबनान में 1000 की मौत
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी जंग से लेबनान हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 1,001 लोगों की मौत हो चुकी है।
यह आंकड़ा बुधवार के 968 से बढ़कर 1000 के पार पहुंच गया है। मंत्रालय के अनुसार, मरने वालों में 79 महिलाएं, 118 बच्चे और 40 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा 2,584 लोग घायल हुए हैं।
ईरान बोला- अब और हमला हुआ तो करारा जवाब देंगे
ईरान ने इजराइल के हमलों के बाद सख्त चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर आगे और हमले हुए, तो ईरान करारा जवाब देगा।
उन्होंने कहा कि अब तक ईरान ने संयम बरता है और अपनी सैन्य ताकत का पूरा इस्तेमाल नहीं किया है। अराघची के मुताबिक, कुछ देशों की अपील पर अब तक तनाव कम रखने की कोशिश की गई, लेकिन अब हालात बदल सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स वसूल सकता है ईरान
ईरान होर्मुज स्ट्रेच से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने पर विचार कर रहा है। एक ईरानी सांसद ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी। होर्मुज से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नैचुरल गैस गुजरती है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान ने उन जहाजों की आवाजाही में रुकावट डाली है, जिन्हें वह अपने दुश्मनों या उनके सहयोगियों से जुड़ा मानता है।
रिपोर्ट के मुताबिक संसद में एक ऐसा बिल लाने पर विचार हो रहा है, जिसके तहत इस रास्ते से व्यापार, ऊर्जा सप्लाई या खाद्य सामान ले जाने वाले देशों से टैक्स या शुल्क लिया जाएगा।
जंग के लिए अमेरिका को अतिरिक्त 200 अरब डॉलर की जरूरत
ईरान के साथ जारी जंग अमेरिका के लिए बेहद महंगी साबित हो रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन को इस जंग को जारी रखने के लिए करीब 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त फंड की जरूरत पड़ सकती है। यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेज दिया गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बुरे लोगों को खत्म करने में पैसा लगता है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 200 अरब डॉलर का आंकड़ा अभी तय नहीं है और इसमें बदलाव हो सकता है।
ईरान के तेल पर बैन हटा सकता है अमेरिका
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रम्प सरकार पहले से भेजे जा रहे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी तौर पर हटा सकता है। उनका मकसद युद्ध के बीच बढ़ती तेल कीमतों को काबू में रखना है। उन्होंने फॉक्स बिजनेस से बातचीत में कहा, “असल में हम अगले 10 से 14 दिनों तक कीमतें नीचे रखने के लिए ईरानी तेल का इस्तेमाल खुद ईरान के खिलाफ करेंगे, जबकि हमारा अभियान जारी रहेगा।”
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- बाइडेन की वजह से हथियार भंडार कमजोर
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े हमले के बाद यूक्रेन को हथियार और सैन्य उपकरण देकर अमेरिका के हथियार भंडार को कमजोर कर दिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक बाइडेन प्रशासन ने ज्यादातर यूक्रेन को जमीन से इस्तेमाल होने वाले हथियार और सैन्य वाहन दिए थे। उन्होंने टॉमहॉक मिसाइल जैसे महंगे और उन्नत हथियार बड़े पैमाने पर नहीं दिए, जबकि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में ऐसे हथियारों का ज्यादा इस्तेमाल किया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने युद्ध के मीडिया कवरेज की निंदा की
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मिडिल ईस्ट युद्ध की मीडिया कवरेज की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ‘बेईमान और ट्रम्प विरोधी मीडिया’ हमारी कामयाबी को कम करके दिखा रही है।
उन्होंने कहा कि मीडिया ने लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है, जबकि हकीकत इससे अलग है।
हेगसेथ के मुताबिक, अमेरिका इस युद्ध में ‘अपनी शर्तों पर निर्णायक बढ़त’ बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का टारगेट ईरान की मिसाइल क्षमता और डिफेंस इंडस्ट्री को कमजोर करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
ईरान में अंदर तक हमले कर रहा अमेरिका
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना अब ईरान के अंदर तक हमले कर रही है। इसका मकसद ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक ताकत को कमजोर करना है।
उन्होंने गुरुवार को ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिकी सेना ने जमीन के नीचे बने ठिकानों पर 5000 पाउंड के खास बम (बंकर तोड़ने वाले) इस्तेमाल किए हैं। इन ठिकानों में क्रूज मिसाइलें रखी गई थीं।
उन्होंने कहा, “इन हथियारों को इस तरह बनाया गया है कि ये कंक्रीट को भेदकर अंदर तक पहुंच सकें और उसके बाद भी काम करें।”
केन के मुताबिक, अमेरिकी सेना समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) रखने वाले ठिकानों, नौसैनिक डिपो और जहाजों को भी निशाना बना रही है। अब तक 120 से ज्यादा जहाज और कई माइन बिछाने वाले प्लेटफॉर्म नष्ट किए जा चुके हैं।
इजराइल पर पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप, RT क्रू घायल
इजराइल पर लेबनान में मीडिया कर्मियों पर हमले का आरोप लगा है। रूसी मीडिया चैनल RT के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में कवरेज कर रहे उसके क्रू को इजराइली सेना ने निशाना बनाया, जिसमें रिपोर्टर अली रिदा घायल हो गए।
RT की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि क्रू ने ‘प्रेस’ लिखी हुई जैकेट पहन रखी थी, इसके बावजूद उन पर हमला किया गया। हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें क्रू पर सीधा हमला होता दिख रहा है।
भारत ने मिडिल ईस्ट में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले की निंदा की
भारत ने मिडिल ईस्ट में एनर्जी इन्फ्रास्क्चर पर हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और इन्हें तुरंत रोकने की मांग करता है।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पहले ही कह चुका है कि नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर खासकर एनर्जी से जुड़ी फैसलिटीज को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक ईरान ने सऊदी के यानबू में सामरेफ रिफाइनरी पर हमला किया था। इसके अलावा कुवैत और कतर के एनर्जी फैसिलिटीज पर भी हमले किए गए।
रिपोर्ट- ट्रम्प को ईरानी ऊर्जा ठिकाने पर होने वाले हमले की जानकारी थी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को कहा था कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के बारे में अमेरिका को ‘कुछ भी जानकारी नहीं थी’। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है।
लेकिन इस दावे के उलट, हमले से जुड़े एक इजराइली सूत्र ने CNN को बताया कि यह हमला अमेरिका को बताकर किया गया था। वहीं, एक और अमेरिकी सूत्र ने भी कहा कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी थी।
साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को युद्ध में बड़ा उकसावा (एस्केलेशन) माना जा रहा है। इससे पहले इजराइल, ईरान के कुछ एनर्जी डिपो पर हमले कर चुका था, लेकिन बुधवार तक उसने तेल और नैचुरल गैस से जुड़े ठिकानों को निशाना नहीं बनाया था।
पार्स गैस फील्ड पर हमले से नाराज ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों के बड़े ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया। कतर ने कहा कि उसके मुख्य ऊर्जा केंद्र रास लाफान में भारी नुकसान हुआ है।
इन जवाबी हमलों के कारण ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि रास लाफान को हुआ नुकसान लंबे समय तक वैश्विक गैस की कमी पैदा कर सकता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- शहीद सैनिकों के परिवारों ने कहा, पीछे न हटें
हेगसेथ ने कहा कि युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों ने सरकार से अपील की है कि इस लड़ाई को अधूरा न छोड़ा जाए और मिशन पूरा किया जाए।
उन्होंने बताया कि डोवर एयर फोर्स बेस पर शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर के आगमन के दौरान परिवारों ने उनसे कहा, “उनकी कुर्बानी का सम्मान करें, पीछे न हटें और जब तक काम पूरा न हो जाए, रुकें नहीं।”
हेगसेथ ने यह भी कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ही करेंगे।
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- ईरान में 7000 ठिकाने पर हमला किया
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान की तुलना गाजा में हमास से करते हुए कहा कि ईरान ने सुरंगों, रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन पर भारी पैसा खर्च किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना इन सबको पूरी ताकत से निशाना बना रही है, जैसा दुनिया की कोई दूसरी सेना नहीं कर सकती।
हेगसेथ ने कहा कि अब तक अमेरिका, ईरान में 7,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवार को अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा, जैसा कि एक दिन पहले भी हुआ था।
उन्होंने कहा, “हमारी ताकत लगातार बढ़ रही है, जबकि ईरान की ताकत कमजोर हो रही है। हमने ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम को ‘पूरी तरह ध्वस्त’ कर दिया है।”
जर्मनी बोला- जंग खत्म होने के बाद ही मिडिल ईस्ट में शामिल होंगे
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि उनका देश तभी क्षेत्र में भूमिका निभाएगा, जब सैन्य कार्रवाई पूरी तरह खत्म हो जाएगी। ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की बैठक के दौरान मर्ज ने कहा, “हम तभी शामिल होंगे, जब बंदूकें शांत हो जाएंगी।”
उन्होंने साफ किया कि जर्मनी फिलहाल किसी सैन्य ऑपरेशन या होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के प्रयास में हिस्सा नहीं लेगा। मर्ज ने कहा कि भविष्य में अगर जरूरत पड़ी, तो जर्मनी समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब संघर्ष खत्म हो जाए और अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिले।
ईरान में जासूसी के आरोप में 97 लोग गिरफ्तार
ईरान ने देश विरोधी गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 97 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों पर अमेरिका और इजराइल के लिए काम करने का आरोप है। इनमें 13 कथित जासूस भी शामिल हैं, जिन्हें दक्षिण-पूर्वी ईरान से पकड़ा गया।
मंत्रालय ने दावा किया कि ये लोग देश में अशांति फैलाने और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिमी ईरान में इराक सीमा के पास पांच “हथियारबंद नेटवर्क” को भी खत्म करने का दावा किया गया है।
इससे पहले अलबोर्ज प्रांत में भी 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिन पर युद्ध से जुड़े वीडियो विदेशी नेटवर्क को भेजने का आरोप था।
कतर बोला- ईरानी हमलों के बावजूद एयर क्वालिटी सामान्य
ईरान-इजराइल जंग के बीच कतर पर हुए हमलों के बाद वहां की सरकार ने स्थिति पर अपडेट दिया है।
कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी, अल धखीरा और अल खोर इलाकों में एयर क्वालिटी सामान्य स्तर पर बनी हुई है।
मंत्रालय के मुताबिक, इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता की जांच सिविल डिफेंस काउंसिल द्वारा की गई और सभी संकेतक सुरक्षित पाए गए।
दरअसल, हाल ही में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले किए थे, जिससे वहां ‘भारी नुकसान’ होने की खबरें सामने आई थीं।
इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग में हुई मौतें
ब्रिटेन में थोक गैस की कीमतें 130% बढ़ीं
ब्रिटेन में थोक गैस की कीमतें बढ़कर 171.34 पेंस प्रति थर्म (करीब 2.29 डॉलर) पहुंच गई हैं। इसकी वजह इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है।
यह स्तर जनवरी 2023 के बाद पहली बार देखा गया है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रिटेन में गैस की कीमतें करीब 140 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। उस समय कीमत 71.13 पेंस प्रति थर्म (करीब 1.33 डॉलर) थी।
मिसाइल हमलों में कतर के रास लफ्फान एलएनजी कॉम्प्लेक्स के कुछ हिस्सों में आग लग गई, जिससे दुनिया के सबसे बड़े गैस हब में से एक को नुकसान पहुंचा है। ब्रिटेन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है, खासकर मध्य पूर्व और कतर से आने वाली गैस पर।
ईरान बोला- एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया तो और बड़े हमले करेंगे
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान की ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब अभी खत्म नहीं हुआ है।
ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक जारी बयान में प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दोबारा हमला हुआ, तो उसका जवाब और खतरनाक होगा।
उन्होंने कहा, “हम दुश्मन को चेतावनी देते हैं कि आपने ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला करके बड़ी गलती की है। अगर यह दोबारा हुआ, तो आपके और आपके सहयोगियों के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक उनका पूरी तरह विनाश नहीं हो जाता।”
PM मोदी ने 24 घंटे में 4 राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत की
पीएम मोदी ने गुरुवार को मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम से बात की। इसकी जानकारी उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर दी है।
दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की गंभीर स्थिति पर भी चर्चा की और तनाव कम करने के साथ बातचीत और कूटनीति के जरिए जल्द शांति बहाल करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी पिछले 24 घंटे में 4 राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत कर चुके हैं। वे इससे पहले ओमान, कुवैत और फ्रांस के नेताओं से बातचीत कर चुके हैं।
PM मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से बातचीत की
पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा की। इसकी जानकारी उन्होंने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट कर दी।
उन्होंने कहा कि हालात को शांत करने और बातचीत व कूटनीति के रास्ते पर लौटना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग जारी रखेंगे।
PM मोदी ने जंग को लेकर ओमान के सुल्तान से बातचीत की
पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए है कि तनाव कम करने और शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देना जरूरी है।
मोदी ने हजारों लोगों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ओमान, होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही के पक्ष में हैं।
पीएम मोदी ने कुवैत क्राउन प्रिंस से कहा- हार्मुज स्ट्रेट से जहाजों का निकलना जरूरी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बुधवार रात बात की।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की और हाल की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कुवैत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा भी की।
पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस से कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और बिना रुकावट के जहाजों का निकलना भारत के लिए बहुत जरूरी है। दोनों नेताओं ने माना कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए लगातार बातचीत जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है।
भारतीय अधिकारी बोले- जंग की वजह से कई चुनौतियां आईं
भारत में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के प्रमुख लव अग्रवाल ने फारस की खाड़ी के बंदरगाहों और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात पर कहा कि इस इलाके की भौगोलिक स्थिति के कारण कई बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं।
उन्होंने बताया जेबेल अली, हमद, बंदर अब्बास और फुजैराह जैसे बड़े पोर्ट एक साथ प्रभावित हुए। इसका असर यूरोप और अमेरिका जाने वाले माल पर भी पड़ा, क्योंकि जहाजों को लंबा रास्ता बदलकर जाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज से गुजरने वाला ट्रांजिट भी कुछ समय के लिए रोक दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई। मिडिल ईस्ट से उड़ानें भी या तो बंद कर दी गईं या बहुत कम कर दी गईं। इस वजह से व्यापार को माल डायवर्जन (रूट बदलने) जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह दोहरी मार जैसी स्थिति थी, क्योंकि हवाई और समुद्री दोनों तरह के माल परिवहन पर असर पड़ा है।
ओमान बोला- ईरान से जंग ट्रम्प सरकार की सबसे बड़ी गलती
ओमान के विदेश मंत्री ने ईरान के साथ चल रही जंग को ट्रम्प सरकार की सबसे बड़ी गलती बताया है। विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा है कि इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा पर साफ दिखाई दे रहा है।
ब्रिटिश मैगजीन द इकनॉमिस्ट में लिखे अपने लेख में अलबुसैदी ने इस संघर्ष को ‘गैरकानूनी युद्ध’ बताया और अमेरिका के सहयोगी देशों से इसे खत्म कराने में मदद करने की अपील की। अलबुसैदी युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभा रहे थे।
उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को जब बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और शांति की उम्मीद नजर आ रही थी, तभी कुछ घंटों बाद ही इजराइल और अमेरिका ने फिर से सैन्य हमला कर दिया। यह चौंकाने वाली बात थी।
अलबुसैदी ने कहा कि खाड़ी देशों ने कई दशकों तक अमेरिका से हथियार खरीदे और उसके सैन्य ठिकानों को अपने यहां जगह दी। लेकिन अब तक जिस शांति और आर्थिक स्थिरता का ये देश फायदा उठा रहे थे, वह खतरे में पड़ गई है।
उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका अपनी ही विदेश नीति पर कंट्रोल खो चुका है। अलबुसैदी ने जोर देकर कहा कि इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें शामिल दोनों पक्षों (अमेरिका और ईरान) को इससे कोई फायदा नहीं होने वाला।
ईरान ने आज मिडिल ईस्ट में 4 देशों पर हमले किए
सऊदी अरब: यानबू की सामरेफ ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा।
कतर: रास लफान गैस प्लांट पर हमला हुआ, यहां आग लगी और नुकसान हुआ।
कुवैत: मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
UAE: अलग-अलग ऊर्जा ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए गए।
इजराइल में ईरानी मिसाइल हमले में 4 लोगों की मौत
ईरान के मिसाइल हमलों में इजराइल में चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन फिलिस्तीनी महिलाएं और एक विदेशी नागरिक शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार की रात ईरानी मिसाइल का मलबा महिलाओं के एक ब्यूटी पार्लर पर गिरा, जिससे यह हादसा हुआ।
इसके अलावा सेंट्रल इजराइल में एक थाई नागरिक की मौत हो गई। तेल अवीव के उत्तर में शेरोन इलाके में ईरानी मिसाइल गिरने से उसकी मौत हुई। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वह 20 साल का खेतों में काम करने वाला एक मजदूर था।
सऊदी की मेन ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला
सऊदी अरब के यानबू में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी सामरेफ पर ड्रोन गिरा है। यह जानकारी सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने दी है। मंत्रालय के मुताबिक अभी नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि यह हमला ईरान की तरफ से हुआ है। यानबू सऊदी अरब का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है। यह उस पाइपलाइन का आखिरी छोर है, जो होर्मुज स्ट्रेट बायपास करते हुए तेल को रेड सी पोर्ट तक पहुंचाती है।
ओमान बोला- अमेरिका अपनी विदेश नीति संभाल नहीं पा रहा
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा है कि अमेरिका अब अपनी विदेश नीति ठीक से संभाल नहीं पा रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने वाला था, लेकिन तभी इजराइल और अमेरिका ने हमला कर दिया और हालात बिगड़ गए।
उनके मुताबिक, इसके बाद ईरान ने जो जवाबी हमले किए, वो गलत हैं, लेकिन हालात ऐसे थे कि ऐसा होना तय था।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी गलती यह रही कि वह इस युद्ध में कूद पड़ा, जबकि यह उसका अपना युद्ध नहीं था और इससे उसे फायदा नहीं होगा।
कतर-कुवैत पर हमले के बाद नैचुरल गैस की कीमतों में 35% इजाफा
खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज होने के बाद आज यूरोप में नैचुरल गैस की कीमतों में 35% तक की बढ़ोतरी हो गई। रॉयटर्स के मुताबिक, 28 फरवरी को ईरान जंग शुरू होने के बाद से यूरोप में गैस की कीमतें 60% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
ब्रेंट क्रूड ऑयल जो तेल का वैश्विक मानक माना जाता है, उसकी कीमत भी बढ़कर आज 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में 48% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। 13 मार्च के बाद से इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध का एनर्जी सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। आज सुबह कतर और कुवैत में भी हमलों की खबरें आई हैं, जबकि इससे एक दिन पहले ईरान के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस फील्ड पर हमला हुआ था।
कतर ने कहा कि ईरानी मिसाइलों से उसके मुख्य गैस केंद्र रास लाफान में भारी नुकसान हुआ है। वहीं, कुवैत के सरकारी मीडिया ने बताया कि देश की दो तेल रिफाइनरियों पर भी हमले हुए हैं।
इजराइली आर्मी ने हिजबुल्लाह के 20 लड़ाकों को मारा
इजराइली सेना ने कहा है कि उसने हिजबुल्लाह के 20 से ज्यादा लड़ाकों को मार दिया है। यह कार्रवाई दक्षिणी लेबनान में हुई।
इजराइल ने जमीन और हवाई हमले करके ये कार्रवाई की है। पिछले कुछ दिनों से इजराइली हमलों की वजह से लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि जब तक हालात सुरक्षित नहीं होते, लोगों को वापस अपने घर नहीं आना चाहिए।
कतर पर हमले से 12 मुस्लिम देश नाराज
ईरान ने बुधवार को कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर हमला किया था, जिसके बाद आज 12 मुस्लिम देशों ने ईरान के खिलाफ नाराजगी जताई है। इन देशों ने ईरान से तुरंत हमले रोकने को कहा है।
यह बयान सऊदी की राजधानी रियाद में हुई बैठक के बाद सामने आया, जिसमें सऊदी अरब, कतर और UAE समेत कई देश शामिल थे।
इन देशों ने कहा कि ईरान रियाहशी इलाकों पर हमला कर रहा है, जो बिल्कुल गलत है और इसे किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता।
चीन ने अली लारीजानी की हत्या पर विरोध जताया
चीन ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की हत्या का विरोध जताया है। चीन ने कहा कि किसी भी देश के बड़े नेताओं की हत्या करना और आम लोगों को निशाना बनाना सही नहीं है। चीन के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि ऐसे काम दुनिया में तनाव और बढ़ाते हैं।
कुवैत की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला
कुवैत में तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ है। कुवैत पेट्रोलियम कंपनी के मुताबिक, इस हमले के बाद वहां आग लग गई।
बताया गया है कि देश के दक्षिण में स्थित मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी के एक हिस्से को ड्रोन ने निशाना बनाया।
कंपनी ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं और फिलहाल कोई घायल नहीं हुआ है।
ईरान ने UN की चुप्पी पर नाराजगी जताई
ईरान ने UN पर नाराजगी जताई है। ईरान का कहना है कि उसके बड़े अधिकारियों की हत्या पर UN चुप है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को चिट्ठी लिखकर यह शिकायत की है।
उन्होंने कहा कि UN की चुप्पी की वजह से इजराइल और ज्यादा हिम्मत से ऐसे हमले कर रहा है। अगर इसे रोका नहीं गया, तो ऐसे हमले आम हो सकते हैं और दूसरे देशों तक भी फैल सकते हैं।
मैक्रों की अपील- जरूरी सुविधाओं पर हमले तुरंत रोके जाएं
इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उन्होंने कतर के अमीर और डोनाल्ड ट्रम्प से बात की है। उन्होंने कहा कि गैस और पानी जैसी जरूरी चीजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। आम लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और ऐसी जगहों पर हमला नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी हो।
इस पर तंज करते हुए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मैक्रों ने इजराइल और अमेरिका के ईरान पर हमलों की निंदा नहीं की। उन्हें चिंता तब हुई जब ईरान ने जवाब दिया, लेकिन उससे पहले हुए हमलों पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
इजराइल में 24 घंटे में 177 लोग घायल
इजराइल में पिछले 24 घंटों में 177 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। सरकार के मुताबिक, अब तक इस युद्ध में कुल 3,924 लोग घायल हो चुके हैं। जबकि अब तक 15 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा लेबनान में 2 इजराइली सैनिक भी मारे गए हैं।
मिडिल ईस्ट देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की
मिडिल ईस्ट के कई अरब देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी आलोचना की है। यह बयान रियाद में हुई बैठक के बाद दिया गया।
इस बैठक में सऊदी अरब, कतर और UAE समेत कई देश शामिल थे। इन देशों ने कहा कि ईरान रियाहशी इलाकों पर हमला कर रहा है, जो बिल्कुल गलत है।
उन्होंने ईरान से कहा है कि वह तुरंत हमले बंद करे और हालात को और खराब न करे। साथ ही उन्होंने इजराइल की लेबनान में कार्रवाई की भी आलोचना की है।
इजराइल पर हुए हमले में थाइलैंड के मजदूर की मौत
इजराइल में हाल ही हुए एक हमले में थाइलैंड के मजदूर की मौत हो गई। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक खेत में काम करने वाला मजदूर था और मोशाव अदनिम नाम के इलाके में मारा गया, जो तेल अवीव के पास है। यह इलाका वेस्ट बैंक के भी काफी करीब है, जहां अक्सर तनाव रहता है।
हॉन्गकॉन्ग की कैथे एयरलाइन ने दुबई-रियाद के लिए फ्लाइट 30 अप्रैल तक रद्द की
हॉन्गकॉन्ग की कैथे पैसिफिक एयरलाइन ने दुबई और रियाद जाने वाली अपनी सभी फ्लाइट्स 30 अप्रैल तक बंद कर दी हैं। एयरलाइन ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात ठीक नहीं हैं, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
कंपनी ने यह भी कहा कि आगे और फ्लाइट्स में बदलाव हो सकता है। एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है, इसलिए ये कदम उठाया गया है।

अमेरिकी विदेश-रक्षा मंत्री के घर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन दिखे
वॉशिंगटन में अमेरिकी सेना के एक अहम बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सैन्य बेस फोर्ट लेसली मैकनेयर के अंदर रह रहे हैं।
यह वही बेस है जहां विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि इन ड्रोन की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और यह भी साफ नहीं है कि वे कहां से आए थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के कारण सुरक्षा अलर्ट पहले से बढ़ा हुआ है। इसी वजह से सेना संभावित खतरों पर कड़ी नजर रख रही है। पिछले 10 दिनों में एक रात के दौरान फोर्ट लेसली मैकनेयर के ऊपर कई ड्रोन देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर इमरजेंसी बैठक भी हुई। पढ़ें पूरी खबर…

पूर्व अमेरिकी राजदूत बोले- ट्रम्प को बताए बिना ईरानी गैस प्लांट पर हमला संभव नहीं
अमेरिका में इजराइल के राजदूत रहे डेन शापिरो ने राष्ट्रपति ट्रम्प के उस बयान पर सवाल उठाए हैं, जिसमें ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें ईरान के पार्स गैस प्लांट पर इजराइल के हमले की पहले से जानकारी नहीं थी।
शापिरो ने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि इजराइल की सेना इतना बड़ा हमला करे और अमेरिका को पहले से न बताए। उनके मुताबिक, इस बात की बिल्कुल भी संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा कि ट्रम्प कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन सच यही है कि अमेरिका को पूरी जानकारी थी और उसने इस हमले को मंजूरी भी दी थी।
शापिरो का यह भी कहना है कि अब ट्रम्प को समझ आ रहा है कि इस हमले की वजह से हालात और बिगड़ गए हैं और ईरान ने इसके जवाब में खाड़ी के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए।
ट्रम्प बोले- कतर पर फिर से हमला बर्दाश्त नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने साफ कहा कि कतर पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर मिसाइल हमला किया, जिससे वहां आग लग गई और काफी नुकसान हुआ। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब इजराइल ने ईरान के पार्स गैस प्लांट पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर पर हमला कर दिया, जिसके बाद कतर ने ईरान पर “रेड लाइन पार करने” का आरोप लगाया और उसके अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इजराइल के हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। उनके मुताबिक, ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया।
सऊदी बोला- हमारी सब्र खत्म हो रहा, ईरान हमारी बात सुने
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है। इसके बाद सऊदी विदेश मंत्री ने ईरान को सख्त चेतावनी दी। सऊदी अरब ने कहा कि वह पहले बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश करेगा, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा। साथ ही उसने कहा कि अब सब्र की सीमा खत्म हो रही है और ईरान को बात सुननी चाहिए।
ईरान में 3 लोगों को फांसी दी गई, पुलिस वालों की हत्या का आरोप
ईरान में जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में 3 लोगों को फांसी दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन लोगों को दो पुलिस अधिकारियों की हत्या का दोषी पाया गया था। अल जजीरा ने यह जानकारी ईरानी मीडिया के हवाले से दी है।
ईरान में इस साल की शुरुआत में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें भारी हिंसा भी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 3,117 लोगों की मौत हुई थी।
वहीं ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) का कहना है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। उनके मुताबिक, अब तक 6,854 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और 11,280 से ज्यादा मामलों की जांच अभी भी जारी है।
लेबनान पर इजराइली हमले से दो दिन में 45 लोगों की मौत
लेबनान में पिछले दो दिनों में इजराइल के हमलों में 45 लोगों की मौत हो गई है। यह जानकारी वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।
राजधानी बेरूत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां 11 लोगों की मौत हुई और 45 लोग घायल हुए, जिनमें 14 बच्चे भी शामिल हैं।
इसके अलावा देश के अलग-अलग इलाकों में भी हमले हुए, जहां कई लोगों की जान गई और कई घायल हो गए।
दावा- ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया था
अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से शुरू नहीं किया है। उनके मुताबिक, पिछले साल जून के हमलों के बाद ईरान की यह ताकत लगभग खत्म हो गई थी।
यह बात राष्ट्रपति ट्रम्प के दावों से अलग है। ट्रम्प कहते रहे हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खतरा है और इसी वजह से युद्ध जरूरी था। गबार्ड ने कहा कि 2025 में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की।
वहीं, डेमोक्रेटिक नेता मार्क वार्नर ने कहा कि गबार्ड ने अपनी बात का वह हिस्सा सार्वजनिक रूप से नहीं बताया, जो ट्रम्प की बात से अलग था।
ईरान पहले से कहता आया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा। कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि फिलहाल ईरान से तुरंत कोई बड़ा खतरा नहीं है।

कतर के गैस प्लांट में लगी आग को बुझाया गया
कतर के ‘रास लफान’ गैस प्लांट में लगी आग को अब पूरी तरह कंट्रोल कर लिया गया है। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। सरकार ने बताया कि अब उस जगह को ठंडा करने और पूरी तरह सुरक्षित बनाने का काम चल रहा है। खतरनाक चीजों को संभालने के लिए खास टीम लगी हुई है।
ईरान बोला- अली लारीजानी की मौत का बदला लेंगे
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने धमकी दी है कि सिक्योरिटी चीफ अली लाराजानी की हत्या का बदला लिया जाएगा। खामेनेई ने चेतावनी दी है कि ‘हर खून की एक कीमत होती है’।
ट्रम्प की धमकी- ईरान ने कतर पर हमला किया तो बर्दाश्त नहीं करेंगे
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने फिर से कतर पर हमला किया, तो अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब इजराइल ने ईरान के गैस प्लांट पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाब में कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला कर दिया।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इस हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया।
उन्होंने यह भी कहा कि वे लड़ाई नहीं चाहते, लेकिन अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका सख्त कदम जरूर उठाएगा।
ईरान जंग में अकेले पड़े ट्रम्प, NATO देश बोले- हमारी लड़ाई नहीं
ईरान में खामेनेई समेत 40 से भी ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद अमेरिका को यह जंग बड़ी कामयाबी नजर आ रही थी। लेकिन 17 दिन बाद हालात बदल चुके हैं। युद्ध का कोई साफ अंत नजर नहीं आ रहा है।
ईरान ने जवाब में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल आपूर्ति रोक दी, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। ट्रम्प अब अपने सहयोगी नाटो देशों से होर्मुज में रास्ता खुलवाने की अपील कर रहे हैं।
हालांकि इन देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने वॉरशिप नहीं भेजेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर नाटो देश इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने में मदद नहीं करते, तो नाटो का भविष्य खराब हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

कतर ने ईरानी अधिकारियों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया
करत ने ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया है। कतर ने उनसे कहा है कि वे 24 घंटे के अंदर देश छोड़ दें।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में ईरान के दूतावास को आधिकारिक नोट भेजा। यह बात एक बैठक के दौरान कही गई, जिसमें कतर और ईरान के बड़े अधिकारी शामिल थे।
कतर ने कहा कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान बार-बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और उसके देश की सुरक्षा और संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है।
कतर ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ऐसा ही करता रहा, तो वह अपने देश की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाएगा।
ऑस्ट्रेलिया ने पेट्रोल-डीजल सप्लाई के लिए खास अधिकारी नियुक्त किया
ऑस्ट्रेलिया ने पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर नजर रखने के लिए एक खास अधिकारी नियुक्त किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का रास्ता काफी हद तक बंद कर दिया है, जिससे तेल महंगा हो रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि एंथिया हैरिस को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने लोगों से कहा कि अभी देश में तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार पहले से तैयारी कर रही है ताकि आगे कोई परेशानी न हो।
अमेरिकी सांसद ईरान जंग में सरकारी फंंडिंग के खिलाफ
अमेरिकी सांसद क्रिस वैन होलेन ने ईरान जंग के लिए सरकारी फंडिंग का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे इस पर बिल्कुल नहीं वोट करेंगे।
दरअसल अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन इस युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की मांग करने वाला है। यह प्रस्ताव अमेरिकी सरकार के जरिए संसद (कांग्रेस) में जाएगा।
सीनेटर ने कहा कि लोग यह युद्ध नहीं चाहते और इससे देश सुरक्षित भी नहीं हो रहा। इसलिए इस पर पैसा खर्च नहीं होना चाहिए।
जंग में अब तक मारे गए ईरान के प्रमुख नेता

ट्रम्प बोले- इजराइल अब ईरान के पार्स गैस फील्ड पर हमला नहीं करेगा
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल अब ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा।
ट्रम्प ने इजराइल के इस हमले की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि इजराइल ने गुस्से में आकर ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया, जिसमें सिर्फ एक छोटा हिस्सा को ही नुकसान पहुंचा।
उन्होंने ने यह भी कहा कि अमेरिका को इस हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही कतर का भी इस हमले से कोई लेना-देना नहीं था।

रिपोर्ट- ईरान युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर से ज्यादा बजट की मांग
अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने ईरान जंग के लिए व्हाइट हाउस से 200 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट मांगा है। रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक इस युद्ध की लागत 11 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है। यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है।
ईरान बोला- लौटने वाली महिला फुटबॉलरों का देश में स्वागत होगा
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा है कि देश की महिला फुटबॉल टीम की जो खिलाड़ी वापस लौट रही हैं, उनका जनता स्वागत करेगी।
यह टीम उस समय विवाद में आ गई थी जब ऑस्ट्रेलिया में एक मैच के दौरान खिलाड़ियों ने ईरान का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्हें देशद्रोही बताया गया था।
इसके बाद टीम की छह खिलाड़ियों और एक सपोर्ट स्टाफ सदस्य ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला किया था, लेकिन बाद में उनमें से पांच ने अपना फैसला बदल लिया और वापस ईरान लौटने का निर्णय लिया।
