रिपोर्ट-ईरान ने होर्मुज से गुजरने के लिए 18 करोड़ वसूले:तेल टैंकर को समुद्र में दिया सुरक्षित रास्ता; भारत के 22 जहाज अभी भी फंसे

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रिपोर्ट-ईरान ने होर्मुज से गुजरने के लिए 18 करोड़ वसूले

रिपोर्ट-ईरान ने होर्मुज से गुजरने के लिए 18 करोड़ वसूले

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने के बदले एक निजी तेल टैंकर कंपनी से 20 लाख डॉलर (18 करोड़ रुपए) लिए। हालांकि, ये जहाज किस देश का है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक ‘सुरक्षित रास्ता’ बनाया है, जहां से केवल मंजूरी मिलने वाले जहाज ही गुजर सकते हैं। इसके बदले उनसे टैक्स लिया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया और चीन जैसे कई देश अपने जहाजों के सुरक्षित गुजरने को लेकर सीधे ईरान से बात कर रहे हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐसे जहाजों के लिए एक खास रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी शुरू किया है, जिन्हें ‘सुरक्षित मार्ग’ दिया जाएगा।

भारत भी अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है। भारत के 22 जहाज होर्मुज और उसके आसपास के समुद्री इलाके में फंसे हैं।लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक, भारत का एक गैस टैंकर ईरान के लारक द्वीप के आसपास से होते हुए ईरानी जलक्षेत्र के जरिए गुजरा, ताकि उसकी पहचान की जांच की जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक सभी देशों के मिलाकर 9 जहाज इस कॉरिडोर से गुजर चुके हैं।

ईरान बोला- अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया

जंग के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है।

वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि एक F-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है।न्यूजीलैंड ने नागरिकों से मिडिल ईस्ट से जल्द निकलने को कहा

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जो लोग इस क्षेत्र में यात्रा कर रहे हैं या यहां से गुजर रहे हैं, वे संघर्ष बढ़ने पर बाहर नहीं निकल पाएंगे।

मंत्रालय ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि जो लोग इस समय मिडिल ईस्ट में मौजूद हैं, वे जल्द से जल्द कमर्शियल फ्लाइट से वहां से निकल जाएं, जब तक उड़ानें उपलब्ध हैं और ऐसा करना सुरक्षित है।

सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो लोगों के लिए वहां से निकलना मुश्किल हो सकता है।ईद पर फिलिस्तीनियों को नमाज से रोका गया

इजराइली अधिकारियों ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर को ईद-उल-फितर के मौके पर भी पूरी तरह बंद रखा है, जिसके कारण हजारों फिलिस्तीनी मुसलमान ईद की नमाज अदा नहीं कर पाए।

यह बंदी 28 फरवरी 2026 से लगातार जारी है, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मस्जिद को सील कर दिया गया था।

आज ईद-उल-फितर के दिन मस्जिद परिसर में केवल वक्फ स्टाफ के 25 सदस्यों को प्रति शिफ्ट अंदर जाने की अनुमति दी गई है। आम मुसलमानों, फिलिस्तीनियों और अन्य लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।

फिलिस्तीनी प्रशासन और स्थानीय संगठनों ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। जारी बयान में कहा गया है कि कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में स्थित इस पवित्र स्थल को बंद रखना एक खतरनाक कदम है।यह धार्मिक स्वतंत्रता का स्पष्ट उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है।

मरने से पहले नैनी बोले थे- देश जंग के बीच भी मिसाइल बना रहा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी ने मौत से पहले एक बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि देश अभी भी मिसाइल बना रहा है और इस मामले में कोई कमी नहीं आई है।

उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि ईरान अब मिसाइल बनाने में सक्षम नहीं है।

जनरल अली मोहम्मद नैनी ने ईरान के सरकारी अखबार में कहा कि उनका मिसाइल उद्योग पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने कहा कि ईरान में 20 नंबर को परफेक्ट स्कोर माना जाता है और हमारे मिसाइल उद्योग का स्कोर 20 है।

उन्होंने दावा किया कि ईरान युद्ध की स्थिति में भी मिसाइलों का उत्पादन कर रहा है और स्टॉक को लेकर भी कोई समस्या नहीं है।

नैनी ने यह भी कहा कि ईरान में लोग चाहते हैं कि यह युद्ध तब तक जारी रहे जब तक दुश्मन पूरी तरह कमजोर न हो जाए। उन्होंने कहा कि युद्ध तभी खत्म होना चाहिए जब देश से खतरा पूरी तरह खत्म हो जाए।रान के IRGC प्रवक्ता जनरल नैनी की इजराइली हमले में मौत

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की शुक्रवार को हवाई हमले में मौत हो गई।

IRGC के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नैनी को हालिया हमले में निशाना बनाया गया, हालांकि हमले को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

समाचार एजेंसियों के अनुसार, ईरानी सरकारी मीडिया मैहर ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है।बनान पर इजराइली हमले जारी, मरने वालों की संख्या 1000 हुई

इजराइल ने रात के दौरान दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली लड़ाकू विमानों ने सुबह के समय कस्बों को निशाना बनाया। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान के पांच अन्य कस्बों पर भी हमले किए गए।

पिछले दो दिनों में इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत, पूर्वी क्षेत्र के बालबेक और दक्षिण के सिडोन शहर पर भी हवाई हमले किए हैं।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 1,001 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 79 महिलाएं, 118 बच्चे और 40 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। वहीं, 2,584 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

लगातार हो रहे हमलों के कारण लेबनान में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।ब्रिटिश पीएम बोले- जंग के कारण महंगाई बढ़ी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के महंगाई बढ़ रही है, जिससे परिवारों पर दबाव बढ़ रहा है।

स्टार्मर ने कहा कि उनकी सरकार घरों के बजट को सुरक्षित रखने और खर्च कम करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह संघर्ष लंबा चला, तो रोजमर्रा की चीजों की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस समस्या का सबसे अच्छा समाधान ईरान के साथ बातचीत के जरिए समझौता करना है, ताकि हालात को कंट्रोल किया जा सके।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई कहां हैं, इसे लेकर जारी सस्पेंस के बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने एक वीडियो जारी किया है। दावा किया गया है कि यह पहली बार का वीडियो है, जिसमें मुजतबा खामेनेई छात्रों को धार्मिक शिक्षा देते नजर आ रहे हैं।

सरकारी प्रसारण संस्था IRIB ने कहा कि यह फुटेज पहली बार जारी किया गया है, लेकिन यह नहीं बताया कि वीडियो कब का है। इससे शक पैदा हो रहा है कि यह पुराना रिकॉर्ड किया हुआ वीडियो हो सकता है। वीडियो में खामेनेई छात्रों के एक समूह को अरबी में संबोधित करते दिख रहे हैं।

56 साल के मुजतबा खामेनेई ने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद पद संभाला था। अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल हमले में हुई थी। युद्ध शुरू होने के बाद से मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिससे उनकी हालत को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही थी।

ईरानी मीडिया का कहना है कि हमलों में उनके पैर में चोट आई है और उनकी पत्नी व बच्चे की भी मौत हो गई। वहीं अमेरिकी मीडिया में दावा किया गया है कि उनका चेहरा बुरी तरह खराब हो गया है और वे कोमा में हो सकते हैं।अमेरिका ने ईरान से जुड़े साइबर नेटवर्क पर कार्रवाई की

अमेरिका ने ईरान से जुड़े एक हैकिंग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार वेबसाइट डोमेन जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम साइबर गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई ईरान के खुफिया मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी) से जुड़े हैकिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) की गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान ईरान से जुड़ी साइबर गतिविधियों को रोकने के लिए जारी प्रयासों का हिस्सा है।नेतन्याहू के बयान की 7 बड़ी बातें

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मौत की अफवाहों का खंडन किया। उनके बयान की अहम बातें

  • मैं जिंदा हूं और आप सब इसके गवाह हैं। शायद मौत की अफवाहों का जवाब देने के लिए।
  • 20 दिनों के युद्ध के बाद ईरान के पास अब यूरेनियम संवर्धन की क्षमता नहीं बची है और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की भी क्षमता खत्म हो गई है। वे इसे पूरी तरह नष्ट करने तक जारी रखेंगे।
  • हमने युद्ध के तीन टारगेट रखे। इसमें ईरान का न्यूक्लियर खतरा खत्म करना, बैलिस्टिक मिसाइल खतरा हटाना, ईरानी लोगों के लिए आजादी की स्थितियां बनाना ।
  • अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान को तबाह कर रहे हैं। हम जीत रहे हैं। ईरान की लीडरशिप में दरारें आ रही हैं।
  • ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़े प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले किया था और इसमें अमेरिका शामिल नहीं था।
  • ट्रम्प अपनी मर्जी से जंग में साथ आए। क्या कोई सच में सोचता है कि किसी से ट्रम्प को कुछ करने को कहा जा सकता है?
  • रेजीम चेंज के लिए सिर्फ हवाई हमले काफी नहीं, जमीन पर कार्रवाई भी जरूरी हो सकता है, लेकिन ईरानी लोगों को खुद उठना होगा।जंग की शुरुआत से अब तक 9 जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया

    ईरान ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक ‘सुरक्षित रास्ता’ बनाया है, जहां से केवल मंजूरी मिलने वाले जहाज ही गुजर सकते हैं। इसके बदले उनसे टैक्स लिया जा रहा है।

    लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया और चीन जैसे कई देश अपने जहाजों के सुरक्षित गुजरने को लेकर सीधे ईरान से बात कर रहे हैं।

    ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐसे जहाजों के लिए एक खास रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी शुरू किया है, जिन्हें ‘सुरक्षित मार्ग’ दिया जाएगा।

    भारत भी अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है। भारत के 22 जहाज होर्मुज और उसके आसपास के समुद्री इलाके में फंसे हैं।

    लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक, भारत का एक गैस टैंकर ईरान के लारक द्वीप के आसपास से होते हुए ईरानी जलक्षेत्र के जरिए गुजरा, ताकि उसकी पहचान की जांच की जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक सभी देशों के मिलाकर 9 जहाज इस कॉरिडोर से गुजर चुके हैं।लेबनान में संकट के बीच ईद, लाखों लोग मुश्किल हालात में जी रहे

    लेबनान में एक के बाद एक संकट के बीच ईद मनाई जा रही है, लेकिन हालात बेहद खराब बने हुए हैं। इस संघर्ष में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।

    रमजान के महीने के खत्म होने के बाद जहां ईद खुशी का त्योहार होता है, वहीं यहां बड़ी संख्या में लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देश की करीब एक-पांचवीं आबादी मुश्किल हालात में जी रही है।

    कई लोग खुले में, पार्किंग स्थलों और टेंट में रहने को मजबूर हैं। ऊपर से बारिश और ठंड ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। ये लोग इजराइली हमलों के कारण अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं और कई परिवार अपने मृतकों का शोक भी मना रहे हैं।

    इस संघर्ष में अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 100 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। बड़ी संख्या में बच्चे भी बेघर हुए हैं और यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि इनमें से कई बच्चे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

    कई लोग इससे पहले 2024 में हुए इजराइल के साथ संघर्ष के दौरान भी बेघर हो चुके थे और तब से अब तक वे पूरी तरह संभल नहीं पाए हैं।

    पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र के महासचिव लेबनान आए थे और उन्होंने 300 मिलियन डॉलर की आपात मदद की अपील की थी, लेकिन अभी तक इसका केवल एक-तिहाई ही जुट पाया है।

    कतर के LNG प्लांट पर हमले से सप्लाई में रुकावट की आशंका

    कतर के रास लाफान LNG प्लांट पर ईरानी हमले ने वैश्विक गैस बाजार के अनुमान को पूरी तरह बदल दिया है। यह बात ब्रिटेन की कंसल्टेंसी वुड मैकेंजी ने कही है।

    कंसल्टेंसी के मुताबिक, पहले विश्लेषकों को उम्मीद थी कि कतर में उत्पादन रुकने के बाद वैश्विक एलएनजी सप्लाई में सिर्फ थोड़े समय के लिए बाधा आएगी।

    लेकिन इस हफ्ते हुए हमले में रास लाफान, को भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलों से पहले उम्मीद थी कि उत्पादन फिर से पूरी क्षमता पर आने में 4 से 6 हफ्ते लगेंगे।

    अब माना जा रहा है कि नुकसान और मरम्मत की जरूरत के हिसाब से यह समय और ज्यादा बढ़ सकता है।

    कंपनी के मुताबिक, सप्लाई में हर एक महीने की अतिरिक्त रुकावट से वैश्विक एलएनजी उपलब्धता में करीब 1.5% की कमी आ सकती है।

    UAE का दावा- ईरान और हिजबुल्लाह से जुड़ा आतंकी नेटवर्क पकड़ा, कई गिरफ्तार

    संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसे आतंकी नेटवर्क को खत्म कर दिया है, जिसे ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह समूह से फंडिंग मिल रही थी।

    सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    एजेंसी ने बताया कि यह नेटवर्क मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के लिए फंडिंग और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी गतिविधियों में शामिल था।

    रिपोर्ट के अनुसार, यह नेटवर्क नकली व्यापारिक गतिविधियों के जरिए देश में काम कर रहा था और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में घुसपैठ करने के साथ-साथ बाहरी योजनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था, जिससे देश की आर्थिक स्थिरता को खतरा था।

    ईरानी हमलों से कतर की गैस सप्लाई 3 से 5 साल तक प्रभावित हो सकती है

    ईरान के हालिया हमलों से कतर की गैस इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। कतर एनर्जी के CEO साद अल-काबी के मुताबिक, देश की करीब 17% LNG निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे सालाना करीब 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

    हमलों में कतर के रास लाफान LNG प्लांट समेत कई अहम गैस सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। कम से कम दो LNG ट्रेन और एक गैस-टू-लिक्विड प्लांट बंद हो गए हैं, जिनकी मरम्मत में 3 से 5 साल लग सकते हैं।

    इसका असर भारत, चीन, यूरोप और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर पड़ेगा, जो कतर से गैस आयात करते हैं। भारत अपनी कुल गैस जरूरत का करीब 20% कतर से लेता है।

    कतर एनर्जी ने इटली, बेल्जियम, चीन और दक्षिण कोरिया को होने वाली LNG सप्लाई पर फोर्स मेज्योर लागू करने की बात कही है, यानी हमले के कारण कंपनी तय सप्लाई देने में असमर्थ होगी।

    हमलों के बाद कतर के अन्य ऊर्जा उत्पादों, कंडेनसेट, LPG, हीलियम और नैफ्था के उत्पादन में भी गिरावट आएगी।

    कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर गुरुवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान भीषण आग लग गई।
    कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर गुरुवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान भीषण आग लग गई।

    ईरान के हमलों पर UN सुरक्षा परिषद की आपात बैठक हुई

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मिडिल ईस्ट देशों के ऊर्जा ठिकानों पर ईरान के हमलों को लेकर एक आपात बैठक की।

    संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के राजदूत जमाल अलरोवाई ने कहा कि उनके देश ने यह बैठक इसलिए बुलाई क्योंकि ईरान की ओर से खाड़ी देशों, जॉर्डन और अन्य देशों पर कायराना हमले जारी हैं।

    बैठक के बाद उन्होंने बताया कि परिषद के कई सदस्य देशों ने ईरान से 11 मार्च के प्रस्ताव को लागू करने की मांग की है। इस प्रस्ताव में खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोकने और आम नागरिकों और ऊर्जा जैसे नागरिक ढांचे को निशाना न बनाने की बात कही गई है।

    यह प्रस्ताव 13-0 के वोट से पास हुआ था, जबकि रूस और चीन ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को रोकने, बाधित करने या उसमें हस्तक्षेप करने से जुड़े सभी कदम और धमकियां बंद करे। यह रुट दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

    UAE को 7 अरब डॉलर के हथियार देगा अमेरिका

    रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को करीब 7 अरब डॉलर के अतिरिक्त हथियारों की मंजूरी दी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यह जानकारी दी है।

    बताया गया है कि इन सौदों की सार्वजनिक घोषणा जरूरी नहीं थी, क्योंकि ये पहले से हुए रक्षा समझौतों का विस्तार हैं।

    यह मंजूरी उसी दिन दी गई, जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के तीन देशों को 16.5 अरब डॉलर से ज्यादा के हथियार बेचने की घोषणा की थी।

    रिपोर्ट के अनुसार, इन नए सौदों में करीब 5.6 अरब डॉलर के पैट्रियट PAC-3 मिसाइल सिस्टम और लगभग 1.32 अरब डॉलर के CH-47 चिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हैं।

    अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ये सौदे पहले से तय रक्षा समझौतों को आगे बढ़ाने के तहत किए गए हैं, इसलिए इन्हें सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया गया।

    सऊदी अरब ने 4 ड्रोन मार गिराए

    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि देश के पूर्वी हिस्से में 4 और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया है।

    पिछले कई घंटों से लगातार ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिनका एयर डिफेंस सिस्टम जवाब दे रहा है।

    कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर फिर ड्रोन हमला, कई यूनिट बंद

    कुवैत की सरकारी मीडिया के मुताबिक, मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर शुक्रवार सुबह कई ड्रोन हमले किए गए।

    कुवैत न्यूज एजेंसी ने बताया कि हमले के बाद रिफाइनरी के कुछ हिस्सों में आग लग गई और कई यूनिट्स को बंद करना पड़ा। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं और स्थिति को काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी गई।

    इससे पहले गुरुवार को भी इस तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ था। यह हररोज लगभग 454,000 बैरल तेल का उत्पादन करती है।

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