समाजसेवी मंजू अग्रवाल ने तहसीलदार सुनील वर्मा की खोली पोल
छतरपुर
जिला ब्यूरो मुकेश गौतम समाजसेवी मंजू अग्रवाल ने तहसीलदार सुनील वर्मा की खोली पोल
चाणक्य न्यूज इंडिया जिला ब्यूरो छतरपुर ।।
तहसीलदार सुनील वर्मा पर लगाए कई आरोप
नामांतरण के समय एक ही खसरा होने के बावजूद तहसीलदार महोदय का अलग, अलग आदेश
छतरपुर/ तहसील सुनील वर्मा का एक और कारनामा समाजसेवी मंजू अग्रवाल ने आज मीडिया के सामने उजागर करते हुए छतरपुर तहसील पर कई संगीन आरोप लगाये
मंजू अग्रवाल ने एक लिखित प्रेस नोट मीडिया को उपलब्ध कराते हुए बताया कि प्रकरण क्रमांक 1233/ अ 6/2022-23 पारित आदेश दिनांक 01/02/23 मोजा बकायान खसरा नंबर 615 में उल्लेख है कि क्रय की गई भूमि पूर्व में शासन द्वारा अर्जित नहीं की गई एवं उल्लेख है क्रय की गई भूमि बंदोबस्त अभिलेख अनुसार शासकीय दर्ज नहीं है
फिर भी उक्त खसरा नंबर को प्रकरण क्रमांक 1234/अ 6/2022-23 एवं 1233/6/2022-23 पारित आदेश दिनांक 24/02/2023 को 58-59 में शासकीय भूमि दर्ज है
तहसीलदार महोदय का इस प्रकार का आदेश जारी करना उनके द्वारा भ्रष्टाचार की कड़ी का अहम हिस्सा दिखाई पड़ता है
इसी प्रकार फ़ौती नामांतरण शासन के निर्देशों के अनुसार अनिवार्य है एवं जुर्बाने का कोई प्रावधान नहीं है फिर भी तहसीलदार महोदय द्वारा प्रकरण क्रमांक 2357/ अ 6/2022-23 में ₹1000 का अर्थ दंड आरोपित किया गया जो शासन के नियम निर्देशों का खुला उल्लंखन है
समाजसेवी मंजू अग्रवाल ने दिए गए आवेदन में तहसीलदार सुनील वर्मा की निंलिखित बिंदुओं पर जाँच कराने और उन पर तुरंत कार्यवाही हो इसकी मांग की है
बता दे कि समाज सेवी मंजू अग्रवाल पिछले कई दिनों से भ्रष्टाचार एवं भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और अपने आंदोलन के माध्यम से सरकार एवं शासन प्रशासन को इस बारे में सचेत भी करते रहते हैं
लेकिन अब देखना होगा कि जो आरोप तहसीलदार सुनील वर्मा पर लगाए गए हैं उस पर छतरपुर कलेक्टर संदीप जी आर क्या कार्रवाई करेंगे
