वन विभाग के द्वारा पौधा रोपण को लेकर की जा रही ट्रेंच कटिंग

0

बोकारो जिला से अनिल शर्मा कि रिपोर्ट

मायापुर पंचायत में 30 एकड़ गैर वन भूमि मे वन विभाग के द्वारा पौधा रोपण को लेकर की जा रही ट्रेंच कटिंग

स्थानीय महिलाओं ने रोके कार्य रहे असफल

बोकारो जिला अंतर्गत पेटरवार वन क्षेत्र के अंतर्गत मायापुर पंचायत के रोहर सीमानी गणेश किनारी के समीप 30 एकड़ गैर वन भूमि पर वन विभाग द्वारा पौधा रोपन को लेकर ट्रेंच कटिंग जेसीबी मशीन से किया जा रहा है जिसको बुधवार को ग्राम सभा के ग्रामीण महिलाओं के द्वारा ट्रेंच कटिंग काम करने से जेसीबी मशीन को रोका गया पर काफी मशक्कत के बाद समझाने पर सभी महिलाएं वापस लौट गए हालांकि इस दौरान प्रशासन व महिलाओं के बिच नोकझोंक भी हुई उपस्थित वन क्षेत्र पदाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि इस गैर वन भूमि पर केंद्र सरकार के तहत फलदार एवं औषधियुक्त पौधा रोपन किया जायेगा।जिससे यहां के ग्रामीणो को मुख्य रूप से लाभान्वित होंगे।बयां दूं कि इस जमीन पर कुछ दिन पूर्व बुलडोजर से ट्रेंच कटिंग का काम किया जा रहा था लेकिन वन अधिकार क्षेत्र के ग्राम सभा के ग्रामीणों के द्वारा काम रोका गया था।पुनः उसी ट्रेंच कटिंग को आज बुधवार को लगभग 8 से 9 बुलडोजर के द्वारा जोर सोर से ट्रेंच कटिंग का काम पेटरवार सीओ ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, पेटरवार वन क्षेत्र पदाधिकारी अरुण कुमार, बेरमो रेंजर विनय कुमार, पेटरवार थाना प्रभारी विनय कुमार,तेनुघाट ओपी प्रभारी सुनील कुमार,कसमार थाना प्रभारी उज्वल कुमार पांडेय एवम महिला कन्सटेबल सहित भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में काम किया जा रहा है।
पेटरवार वन क्षेत्र पदाधिकारी अरुण कुमार ने जानकारी देते बताया कि केंद्र सरकार योजना के तहत पौधा रोपन किया जाना है जिसमें फलदार,सागवान,सीसम एवम जलावन के लिए सकुंजी का पौधा लगाया जायेगा।पेटरवार अंचल अधिकारी के द्वारा इस जमीन का अनापत्ति पत्र मिला उसके तहत 30 एकड़ जमीन में ट्रेंच कटिंग कार्य प्रगति पर है।यह प्लांटलेशन होने से सबसे ज्यादा यहां के ग्रामीण लाभांवित होंगें रखरखाव में वाचर के लिए ग्रामीण ही होंगें।सरकार की एक बड़ी योजना है इस पौधा रोपन के प्रवेश बिंदु में ग्रामीणों के लिए लगभग ढाई लाख की योजना है जिसमे तालाब, चापानल या सोलर जलमीनार हो यहां के ग्रामीणों को उपयोग के लिए मिलेगी जो यहां के ग्रामीण अपने ग्राम सभा के माध्यम से तय करेंगे कि किस स्थल पर इस योजना निर्माण करेगें वह ग्रामीण तय करेगें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed