पुरानी पेंशन हमारा अधिकार-शिक्षक संघ

0

म.प्र.शिक्षक संघ सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली,पदोन्नति/पदनाम और क्रमोन्नति के मुद्दों को लेकर आज सड़कों पर उतरा।
शिक्षक संघ के शिवकुमार शर्मा ने बताया कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है, उनका सहारा है।कर्मचारी 30 से 35 साल सरकारी नौकरी करता है लेकिन उसे पेंशन नही जबकि नेता चाहे एक दिन के लिए भी विधायक/सांसद बने हों उन्हें आजीवन पेंशन मिलती है।एक देश मे दो विधान क्यों??जब विधायिका को पेंशन का अधिकार है तो कार्यपालिका को पेंशन से वंचित क्यों किया जा रहा है??
पूरे देश मे मध्यप्रदेश ही ऐसा राज्य है, जंहा पदोन्नति और क्रमोन्नति पर रोक लगा रखी है।शिक्षक संवर्ग एक ही पद पर 30 साल की सेवा कर उसी पद से रिटायर हो जा रहा है।
वर्ष 2018 में क्रमोन्नति लगना थी लेकिन 4 वर्ष निकल जाने के बाद भी क्रमोन्नति का अता-पता नही है।
कर्मचारियों को पेंशन के लिए सरकार आर्थिक स्थिति का बहाना बनाती है जबकि फ्री की योजनाओं पर करोड़ो रूपये की व्यवस्था हो जाती है।उधोगपतियों के करोड़ो रूपये का लोन माफ कर दिया जाता है।सरकार कर्मचारियों के प्रति दोहरी नीति अपना रही है जो चिंताजनक है।
शिक्षक संघ के सदस्य स्थानीय तहसील परिसर में एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया।सभी रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि को सौंपा।
इस अवसर पर महेश भार्गव ने बताया कि सरकार ने हमारी मांगे नही मानी तो 26 फरवरी को भोपाल में पूरे प्रदेश के शिक्षक जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे।सभी शिक्षकों से भोपाल में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
इस दौरान अभिषेक चौधरी,शांतिलाल परिहार,रामकुमार शर्मा,जितेंद दांगी,,यादवेंद्र यादव,रविशंकर शर्मा,धर्मेन्द्र अरोरा,पुरुषोत्तम दुबे,मनीष शर्मा,आशा रघुवंशी,सीमा शर्मा,ऋषव जैन,सुरेश शर्मा,नरेंद्र शर्मा,अबध विहारी श्रीवास्तव,देवराज लोधी,अनिल सोनी,जितेंद्र यादव,संजय अग्रवाल सहित सैंकड़ो शिक्षक उपस्थित रहे।

अशोक नगर से अभिषेक दुबे की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed